रांची: आज आजसू बुद्धिजीवी मंच की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक आजसू पार्टी के हरमू, रांची स्थित केंद्रीय कार्यालय में सम्पन्न हुई, जिसमें राज्य के विभिन्न जिले से आये प्रतिनिधियों ने भाग लिया. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डोमन सिंह मुंडा ने कहा कि ये वक्त झारखंड के बुद्धिजीवियों के सजग रहने का है, जबकि मौजूदा झारखंड सरकार, झारखंड के युवाओं को रोजगार, नियोजन नीति से दूर ले जा रही है.
यहां के ट्राइबल, टिम्बर और टूरिज़्म को लेकर उदासीन है. उसकी कथनी और करनी में अंतर है. जनता के मतों का विश्वास लेने के बाद सदन के अंदर उस संचित विश्वास का घात कर रही है. बतौर विशिष्ट अथिति आजसू पार्टी के मुख्य प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत ने कहा कि मौजूदा सरकार कायदे से नहीं, बल्कि वायदे के भरोसे चल रही है. और उन वायदे को एक एक कर तोड़ा जा रहा है. ये सीधे तौर से विश्वास मत का विश्वासघात है, और झारखंड सरोकार से जुड़ी माटी की पार्टी आजसू पार्टी इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगी. इसलिए राज्य के बुद्धिजीवी एकजुट कर सारे विषयों के प्रति जनचेतना लाने का कार्य करे.
कार्यक्रम का स्वागत भाषण करते हुए डॉ मुकुंद चन्द्र मेहता ने कहा कि संगठनात्मक संरचना के साथ आजसू बुद्धिजीवी मंच पूरे राज्य में वैचारिक क्रांति का सबसे बड़ा मंच होगा और दिग्भ्रमित जनतंत्र के लिए विकास के रोड मैप के साथ उपस्थित होगा. इस मंच की जनचेतना का वाइब्रेशन जल्द महसूस होगा.
अंचल किंगर ने कहा कि ऐसी वैचारिक मंच की नियमित बैठक वैचारिक क्रांति में मददगार साबित होगी. जो बात पटल पर उभर कर आई कि मौजूदा सरकार स्थानीय नीति, रोजगार, नियोजन नीति, कृषि, जल, जंगल, जमीन, शिक्षा, वन उपवन संरक्षण, सभी विषयों से दिग्भर्मित हो गयी है.
बैठक में लिए गए निर्णय-
• आजसू बुद्धिजीवी मंच का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन जनवरी महिने में.
• सम्मेलन से पूर्व आजसू बुद्धिजीवी मंच के केंद्रीय, जिला एवं प्रखंड स्तर पर विस्तार एवं पुर्नगठन.
• 29 दिसंबर को आयोजित विश्वासघात दिवस जो सभी जिला मुख्यालयों में होना है आजसू बुद्धिजीवी मंच के पदाधिकारी सक्रिय भूमिका निभाएंगे.
मंच संचालन आजसू पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता डॉ विनय भरत और बुद्धिजीवी मंच के सचिव अरविंद कुमार ने किया.इस मौके पर रत्नेश कुमार गुप्ता, कामेश्वर प्रधान, मंजूर खान, गंगाधर महतो, लाल बाबू सिंह पटेल, सरत कुमार मरांडी, जितेंद्र कुमार सिंह, जमशेदपुर, सुमित कुमार, अवध किशोर सिंह, विजय कुमार छापरिया, ओम प्रकाश अग्रवाल, बेनी प्रसाद अग्रवाल, सीता राम पोद्दार, ललित कुमार सिंह, अरविंद कुमार, रामाशीष, डॉ मुकुंद चन्द्र मेहता, अंचल किंगर, डॉ विनय भरत तथा अन्य मौजूद थे.

