रांची : कोविड-19 के कारण देशभर में खेल गतिविधियां बंद है. जिसके कारण झारखंड में भी इसका असर देखने को मिल रहा है. झारखंड के भी कराटे के कई खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक आर्थिक समस्या से जूझ रहे हैं. इस समस्याओं के समाधान के लिए कुछ खिलाड़ी सब्जी बेचने को विवश हैं तो कुछ खिलाड़ी हडिया बेचने को विवश नजर आ रहे हैं.
झारखंड कराटे एसोसिएशन के महासचिव सुनील किस्पोट्टा को ये जानकारी मिली कि एक महिला खिलाड़ी विमला मुंडा जो कि 34 वे नेशनल गेम में सिल्वर मेडल जीतकर राज्य को पदक दिला चुकी है. वह अपने आर्थिक स्थिति से परेशान होकर हडिया बेचने के लिए भी मजबूर हो चुकी है ऐसी परिस्थिति में महासचिव रेंसी सुनील किस्पोट्टा ने उनके कोच से बात की और लड़की की आर्थिक स्थिति की जानकारी ली. उसके बाद खुद उनके घर पर पहुंचे और खाद्य सामग्री उपलब्ध कराएं साथ ही उनकी आर्थिक मदद की. इन्होंने भविष्य में भी आगे उनकी मदद करने की बात कही.
झारखंड कराटे एसोसिएशन के महासचिव रेंसी सुनील किस्पोट्टा ने कहा कि अगर किसी भी कराटे खिलाड़ी या प्रशिक्षक को किसी प्रकार की समस्या हो रही हो तो वह इनसे संपर्क कर सकते हैं. राज्य कराटे संघ अपने स्तर से उन्हें सहयोग करेगी.
झारखंड कराटे एसोसिएशन के महासचिव रेंसी सुनील किस्पोट्टा ने कहा कि राज्य सरकार को खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उनके लिए कुछ विकल्प वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए .

