हजारीबाग (बरकट्ठा): सरकारी विद्यालयों में आनलाइन शिक्षा सिर्फ कोरोना काल के लिए नहीं है, बल्कि इसे जरूरतों के अनुसार भविष्य में भी जारी रखी जायेगी. यह बात राज्य परियोजना निदेशक उमाशंकर सिंह ने ‘माइक्रोसॉफ्ट टीम्स’ पर ऑनलाइन कांफ्रेंस में झारखंड के प्राथमिक व उच्च+2 विद्यालय के दो सौ चालीस शिक्षकों से कही.
सिंह ने कहा कि सभी शिक्षक ऑनलाइन शिक्षा देने के लिए अनिवार्य रूप से व्हाट्सएप ग्रूप से जुड़ें तथा स्मार्ट फोन वाले सभी चालीस-पचास प्रतिशत अभिभावकों को व्हाट्सएप ग्रूप से जोड़ दें. साथ ही बच्चों से रैंडमली बातचीत कर उनकी जिज्ञासाओं व समस्याओं का समाधान करें.
उन्होंने कहा कि बहुत से शिक्षक बहुत अच्छा काम कर रहे हैं. मगर कुछ शिक्षक इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. उन्हें चिह्नित कर कार्रवाई की जायेगी. इस संदर्भ में हजारीबाग की प्रगति के चर्चा के क्रम में उत्क्रमित कन्या उच्च विद्यालय बेलकपी के प्रधानाध्यापक छत्रु प्रसाद के अभिभावकों – बच्चों को वॉट्सएप ग्रुप से जोड़कर उन्हें सक्रिय करने के लिए किए गए जमीनी पहल व सकारात्मक सोच के लिए छत्रु प्रसाद की काफी सराहना की.
साथ ही प्रसाद के द्वारा इस लॉकडाउन अवधि में भी बच्चों के ऑनलाइन अध्यापन कार्य हेतु बनाए गए रूटीन का भी काफी प्रशंसा किए, जो अपने आप में अनोखी पहल है.
निदेशक महोदय ने पीरामल फाउंडेशन के जिला प्रभारी रवि गुप्ता को इस तरह के शिक्षकों के गतिविधियों को राज्य स्तर तक पहुंचाने का निर्देश दिया गया, ताकि प्रसाद को प्रशंसा पत्र दिया जा सके.

