रांची : झारखंड अभिभावक संघ द्वारा राज्यस्तरीय चरणबद्ध आंदोलन के ऐलान के बाद झारखंड सरकार की स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने स्कूल फ़ीस के संबंध में आदेश जारी कर दिया. आदेश में निज़ी स्कूलों से जुड़े विभिन्न हितधारकों की चिंता करते हुए नौ बिंदुओं पर आदेश जारी हुए हैं. शिक्षा विभाग के आदेश पर झारखंड अभिभावक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि सरकार के आदेश में अभिभावकों को विशेष राहत नहीं है. कोरोना महासंक्रमण में बेरोजगारी और वित्तीय संकट झेल रहे अभिभावकों के पक्ष में कोई स्पष्ट आदेश नहीं होने से असमंजस की स्थिति होगी. उन्होंने कहा कि झारखंड अभिभावक संघ की मांग पर बंद अवधि के एनुअल चार्ज, बिल्डिंग चार्ज, मिसलेनियस शुल्क, सहित तमाम तरह के शुल्कों के वसूलने पर रोक लगाया गया है जिससे काफ़ी हद तक अभिभावकों को राहत मिलेगी. अजय राय ने कहा कि झारखंड अभिभावक संघ ने बुधवार को फ़ीस पर सरकार की ओर से स्पष्ट आदेश जारी नहीं होने पर 26 से 30 जून तक राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान किया था जिसे तत्काल प्रभाव से वापस लिया गया है.
संघ सरकार के आदेश के आलोक में अभिभावकों से जनमत संग्रह करेगी और आदेश की समीक्षा के बाद रणनीति तय करेगी. झारखंड अभिभावक संघ की ओर से 26 जून को राज्यव्यापी एकदिवसीय उपवास कार्यक्रम निश्चित थी जिसे रद्द कर दिया गया है. संघ ने हालांकि कहा कि निज़ी स्कूलों की मनमानी के आगे झारखंड सरकार के लिए अपने आदेश का अक्षरशः अनुपालन करा पाना भी बड़ी चुनौती होगी. आदेश की अवमानना करने वाले स्कूलों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए.

