रांची: सौतेले भाई को घर-संपत्ति से बेदखल कर दिया, इसलिए अपनी महिला मित्र को मोहरा बना कर अपने शौतेले छोटे भाई को पहले प्रेम जाल में फंसा कर करीब लाया, फिर योजनाबद्ध तरीके से जंगल बुला कर गला रेत हत्या कर दी थी. ज्ञात हो कि पिठोरिया थाना पुलिस ने तीन नवंबर को ग्रामीणों की सूचना पर करमघाट जंगल के सुतियाम्बे के पास से एक अज्ञात युवक का गला रेता हुआ शव बरामद किया था. जिसकी पहचान कोतवाली थाना क्षेत्र से एक नवंबर से लापता मुकेश कुमार के रूप में की गयी थी.
शव पाये जाने के बाद मृतक की मां के बयान पर पिठोरिया थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था. इस मामले में पुलिस कप्तान सुरेन्द्र कुमार झा व ग्रामीण एसपी नौशाद आलम के निर्देश पर डीएसपी नीरज कुमार के नेतृत्व में टीम बनायी गई. पुलिस मृतक की मां के बयान पर उसके सौतेले बेटे के करीब पहुंची. पुलिस हत्या के कारणों व हत्यारोपियों की पूरी तफशील हासिल कर मुख्य अरोपी संजय सहित चार लोगों को गिरफ्तार
कर मामले का खुलास कर दिया. गिरफ्तार आरोपियों में मृतक का सौतेला भाई संजय कुमार, प्रतिमा भूत कुंवर, सूरज सिंह व पुरुषोत्तम सिंह उर्फ पीके के नाम शामिल हैं.पुलिस गिरफ्त में आये मृतक का शौतेला भाई संजय ने बताया कि उसकी शौतेली मां व उसके शौतेले भाई मुकेश कुमार पिता के घर से निकाल कर अन्य संपत्तियों से भी बेदखल कर सारी प्रॉपर्टी हड़प ली थी. जिससे वह काफी परेशान रहता था. अंत में उसने अपने भाई मुकेश को रास्ते से हटाने की सोची. वह दस साल पहले भी मुकेश की हत्या की तैयारी की थी, लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिली थी.
गिरफ्तार संजय ने पुलिस को बताया कि वह अपनी महिला मित्र प्रतिमा भूत कुंवर को नोरा स्टूडियो में काम करने वाले मुकेश के पास फोटो बनवाने के बहाने भेजा और नजदीक लाया. कुछ ही दिनों में मुकेश व प्रतिमा करीब हो गये. मुकेश ने प्रतिमा को नया सिम खरीद कर दिया. जिससे वह बात करने लगी. 1 नवंबर को मुकेश को जंगल बुलाया, जहां संजय ने अपने अन्य दो साथियों सूरज व पुरुषोत्तम के साथ मिल हत्या कर दी.

