रांची: कोरोना संक्रमण के रोकथाम को लेकर मंत्री समूहों के उप समिति की उच्चस्तरीय बैठक हुई. स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता की अध्यक्षता में गठित मंत्री समूह के उप समिति की बैठक आज प्रोजेक्ट भवन में आयोजित बैठक में राज्य में हो रहे राहत कार्यों की समीक्षा की गई. बैठक में लॉकडाउन के बाद प्रवासी मजदूरों के वापसी सहित अन्य विषयों पर बिंदुवार हालात की जानकारी ली गई.
केंद्र से सहयोग के लिए मांगा गया दिशा निर्देश
बैठक में मामला उठाते हुए लॉकडाउन के बाद करीब 8 लाख प्रवासी राज्य लौटेंगे तो उनके वापस लौटने, खान पान की व्यवस्था करने, उनकी जांच की व्यवस्था करने के साथ ही रोजगार की व्यवस्था मुहैया कराने का मुद्दा उठाया गया. साथ ही बताया गया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के माध्यम से केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने की बात कही गई.
भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करें
मंत्री चंपई सोरेन ने मांग किया कि राज्य में कोई भी भूखा न रहे इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए इसकी समीक्षा की गई, मुख्यमंत्री दाल भात केंद्र और दीदी किचन की संख्या बढ़ाने और जरूरतमंदों के बीच राहत सामग्री वितरण करने का सुझाव दिया.
दूध व्यपारियों को मिले सहयोग
मंत्री बन्ना गुप्ता ने मांग किया कि दूध विक्रेताओं को राहत मिले, मिठाई दुकानदार को दुकान खोलने की अनुमति मिले ताकि दुध की नियमित रूप से खपत हो सके. पशुओं के चारा की कमी को दूर की जाए और टेक अवे सिस्टम को लागू कर होटल खोले जाए.
स्पेशल ट्रेन चलाकर मजदूरों को वापस लाने का प्रस्ताव
मंत्री रामेश्वर उरांव ने सुझाव दिया कि राज्य से बाहर फंसे लोगों की सहायता के लिए स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों, विधायको, श्रम विभाग, आंगन बाड़ी सेविका से मदद के माध्यम से राहत कार्य पहुंचाया जाए. साथ ही बाहर से आने वाले लोगों के लिए निःशुल्क ट्रेन की व्यवस्था की जाए ताकि लोग आसानी से आ सके.
जनप्रतिनिधियों के माध्यम से खाद्य सामग्री का वितरण
मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने सुझाव दिया है कि किसानों को राहत मिलने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था हो, किसानों को सोशल डिस्टेंसी का पालन करते हुए कृषि कार्य करने की अनुमति प्रदान की जाए. साथ ही जिले में आपदा प्रबंधन के मद से प्राप्त राशि से जनता तक फूड पैकेट जाए जिसमें विधायक, सांसदों और स्थानीय प्रतिनिधि के माध्यम से जाए.
लौटने पर जांच की होगी व्यवस्था
प्रस्ताव रखा गया कि या तो बाहर से आने वाले लोगों को वहीं पर जांच कर लाया जाए या नहीं तो पंचायत स्तर पर लोगों की जांच की व्यवस्था वापस लौटेंने पर की जाए इसके लिए ठोस उपाय किये जायें.
समिति के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा
बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी प्रस्ताव को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भेजा जाएगा और उनके स्वीकृति के बाद उनके दिशा निर्देश के बाद लागू किया जायेगा.
ये उपस्थित रहे
स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, मंत्री रामेश्वर उरांव, , मंत्री सत्यानंद भोक्ता, मंत्री चंपई सोरेन, स्वास्थ्य सचिव नितिन कुलकर्णी, खाध सावर्जनिक वितरण के अपर मुख्य सचिव अरुण सिंह, आपदा प्रबंधन सचिव अमिताभ कौशल, मनीष तिवारी.

