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मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक
रांची: कोरोना वायरस को लेकर देशव्यापी लॉकडाउन से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा और प्रवासी श्रमिकों, छात्र-छात्राआं एवं मरीजों व उनके परिजनों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य शुक्रवार को मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक हुई.
मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक समाप्त होने के बाद खाद्य आपूर्ति तथा वित्तमंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने बताया कि वापस लौटने वाले प्रवासी श्रमिकों के रहने, खाने-पीने और स्वास्थ्य जांच तथा अन्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अभी से युद्धस्तर पर काम प्रारंभ कर दिये गये है, ताकि ऐन मौके पर किसी तरह की कोई समस्या उत्पन्न न हो.
उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में फंसे करीब आठ लाख में से 1.11 लाख प्रवासी श्रमिकों को राज्य सरकार की ओर से एक-एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध करा दी गयी है, जबकि अन्य प्रवासी श्रमिकों के निबंधन और उन्हें राहत पहुंचाने का काम युद्धस्तर पर जारी है.
उन्होंने बताया कि पवित्र रमजान के महीने में लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसे लेकर आज की बैठक में व्यापक चर्चा हुई और अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है कि हर जरूरतमंद परिवार तक राशन-पानी पहुंचे.
उन्होंने बताया कि लॉकडाउन की समाप्ति या क्वारंटाइन अवधि समाप्त होने के बाद दूसरे राज्यों में फंसे श्रमिकों को वापस लाने, वापस आने पर उनके रहने और खाने-पीने की व्यवस्था तथा जांच को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही है. ऐसे प्रवासी श्रमिकों को वापस लाने के लिए विशेष ट्रेन की व्यवस्था का आग्रह मुख्यमंत्री के माध्यम से केंद्र सरकार से किया जाएगा.
मंत्रिमंडलीय उपसमिति के संयोजक बन्ना गुप्ता ने बताया कि वापस लौटने वाले प्रवासी श्रमिकों के स्वास्थ्य जांच को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने का निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिया गया है.
उन्होंने बताया कि आज केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग के दौरान भी राज्य सरकार की चिंता से केंद्र सरकार को अवगत कराया गया और पर्याप्त मात्रा में स्वास्थ्य उपकरण, कोरोना जांच किट तथा वेंटिलेटर उपलब्ध कराने का आग्रह किया.
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार से यह मांग की जाएगी कि दूध विक्रेताओं और राहत मिलें, इसके लिए मिठाई दुकानदार को दुकान खोलने की अनुमति दी जाएगी, दूध की नियमित रूप से खपत हो सके.
उन्होंने बताया कि पशुओं के चारा की कमी को दूर की जाए और टेक अवे सिस्टम को लागू कर होटल खोलने की भी व्यवस्था की जाए.
बैठक में मामला उठाते हुए लॉकडाउन के बाद करीब 8 लाख प्रवासी राज्य लौटेंगे तो उनके वापस लौटने, खान पान की व्यवस्था करने, उनकी जांच की व्यवस्था करने के साथ ही रोजगार की व्यवस्था मुहैया कराने का मुद्दा उठाया गया. साथ ही बताया गया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के माध्यम से केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने की बात कही गई.

