प्रधानमंत्री, रेल मंत्री का पुतला फूंका, जताया आक्रोश
बिहार(मुंगेर): डीजल सेड को समाप्त करने, रेल इंजन कारखाना के असुरक्षित भविष्य, अधिकारियों द्वारा कारखाना को छोटा इकाई में तब्दील करने की साजिश, रेलवे विश्वविद्यालय की स्थापना की खोखली दलीलें, निजीकरण और बेरोजगारी से आक्रोशित बरसों से रेल के विकास से जुड़े सवालों को लेकर आंदोलनरत विभिन्न राजनीतिक सामाजिक संगठनों की संयुक्त आवाज जमालपुर रेल निर्माण कारखाना संघर्ष मोर्चा ने आंदोलन का शंखनाद करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं रेल मंत्री पीयूष गोयल का पुतला फूंक अपने आक्रोश जताया. वही रेल निर्माण कारखाना संघर्ष मोर्चा के संयोजक से सपा जिला अध्यक्ष पप्पू यादव सहसंयोजक जदयू नेता कन्हैया सिंह के नेतृत्व में मोर्चा में शामिल राजद सपा सीपीआई लोजपा रालोसपा के नेता कार्यकर्ताओं ने जुबली बेल चौक से जुलूस निकाल शहर के मुख्य मार्गो का भ्रमण करते हुए पुनः जुबली वेल चौक पहुंच पुतला दहन किया.
वहीं इस दौरान प्रदर्शनकारी छद्म राष्ट्र भक्ति का स्वाग करने वाले प्रधानमंत्री मुर्दावाद,रेल मंत्री हाय हाय,डीजल शेड को इलेक्ट्रिक सेड में तब्दील करो कारखाना के भविष्य के साथ छेड़छाड़ बंद करो रेलवे विश्वविद्यालय की स्थापना करो रेलवे का निजीकरण वापस लो छात्र नौजवान के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करो राष्ट्र विरोधी केन्द्र सरकार इस्तीफा दो आदि गगनभेदी नारे लगा रहे थे.
मौके पर मोर्चा के संयोजक सह सपा जिला अध्यक्ष पप्पू यादव ने केंद्र सरकार द्वारा रेलवे का निजीकरण, देश में बढ़ती बेरोजगारी और एक साजिश के तहत जमालपुर के रेल कारखाना को खोखला व डीजल शेड को बंद करने का फैसला को प्रधानमंत्री के मानसिक दिवालियापन का प्रमाण बताते हुए कहा की जमालपुर क्षेत्र में स्थापित रेल कारखाना डीजल शेड पूर्व रेलवे में बैठे एक विशेष समुदाय के साजिश का शिकार हो रहा है. जिसमे यहां के मुख्य कारखाना प्रबंधक कार्मिक पदाधिकारी सीनियर डीएमई की भागीदारी तो है, ही यूनियन के वह केंद्रीय नेता व सांसद मंत्री भी कम दोषी नहीं है जो लगातार इस प्रक्षेत्र के आम आवाम को भ्रमित कर अपना उल्लू सीधा कर रहे हैं.
यादव ने कहा कि इस क्षेत्र के इलक्ट्रीफिकेशन के दौरान जब रेलवे मुख्यालय कोलकाता में बोर्ड के अधिकारी द्वारा हावड़ा आसनसोल को इलेक्ट्रिक शेड, वर्द्धमान को ईएमयू शेड और साहिबगंज को डीएमयू और ईएमयू का कार्यभार कार्यभार दिया जा रहा था और जमालपुर को दरकिनार किया जा रहा था तो यहां के अधिकारी, रेल यूनियन के केन्द्रीय व स्थानीय नेता , सांसद व मंत्री विरोध तक ताना उचित नहीं समझा जिसका भयावह परिणाम सामने आया है. लेकिन संघर्ष मोर्चा खामोश नहीं बैठेगी और अपने संघर्ष से इस साजिश को करारा जवाब देगी.
वही मोर्चा के सह संयोजक जदयू नेता कन्हैया सिंह ने स्थानीय रेलवे अधिकारी को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि केंद्र सरकार के इशारे पर यहां के रेल पदाधिकारी डीजल शेड को तो चाट गया अब कारखाना को बर्बाद करने की साजिश रच रहे है संघर्ष मोर्चा ऐसे अधिकारियों के मंसूबे को सफल नहीं होने देगा. हमें चाहे जो कुर्बानी देनी हो हम किसी भी कीमत पर डीजल शेड रेल कारखाना रेलवे विश्वविद्यालय जो मोर्चा के अग्रणी मांग है इसे हासिल करके रहेंगे.
वहीं लोजपा के जिला महासचिव कृष्णानन्द राऊत राजन नेता सुबोध तांती ने कहा कि वर्तमान सरकार के 6 वर्षों के कार्यकाल में यहाँ के रेलवे के कई संस्थाएं बंद हो गई और अब क्षेत्रियतावाद के दबदबा के कारण डीजल शेड को जो बंद करने की बंद करने की जो योजना है जिसे विफल करना मोर्चा का लक्ष्य है.
वहीं राजद के वरिष्ठ नेता गोरेलाल सिंह रालोसपा के प्रदेश सचिव रविकांत झा सीपीआई के सहायक सचिव संजीवन सिंह सपा के प्रधान महासचिव मनोज कुमार मधुकर ने केंद्र की नीतियों पर हमला बोलते हुए कहा केंद्र सरकार की न नीयत अच्छी न नीति अच्छी चाहे रेलवे निजीकरण का सवाल हो छात्र नौजवान को बेकार करने का सवाल या फिर जमालपुर कारखाना डीजल सेंड को बंद करने का यह सरकार छम राष्ट्रवाद का स्वांग कर पूरे देश को विध्वंस के कगार पर पहुंचा दिया है जिसके विरोध में हमारा संघर्ष जारी रहेगा.
मौके पर एनसीपी के नौशाद उस्मानी सपा के रामनाथ राय, मिथलेश यादव, अमर शक्ति, मोहम्मद आजम, मनोज क्रांति, कुमार प्रभाकर, सत्यजीत पासवान दलित सेना से दिलीप रावत, सूरज कुमार, डॉक्टर सुधीर गुप्ता, संतोष रावत, आशीष कुमार, गुंजन यादव, दिनेश साहू ,गौरव यादव, हिमांशु यादव, राजीव पटवा मदन गोपाल, रामानंद यादव, शिव कुमार ,सुरेश यादव, एस सिद्दीकी, देवन यादव ,विनोद पासवान, सिपाही यादव, गौतम राजकुमार सहित काफी संख्या में मोर्चा में शामिल नेता व कार्यकर्ता उपस्थित थे.

