बिहार: कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए देश में लागू लॉकडाउन में सभी लोग परेशान हैं, लेकिन सबसे अधिक परेशानी छात्र और छात्राओं को हो रही हैं. इस बीच कोंग्रेस पार्टी ने पटना में लॉज और हॉस्टलों का किराया माफ करने के लिए सरकार से मांग की है.
बिहार में विपक्षी दलों के महागठबंधन में शामिल कांग्रेस पार्टी के बिहार प्रदेश कांग्रेस पिछड़ा वर्ग के मिडिया प्रभारी नीरज कसेरा ने बुधवार को कहा कि बिहार राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के सैकड़ों बच्चे पटना के लॉज और हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करते हैं.
इस लॉकडाउन के कारण प्रशासन ने कई हॉस्टल और लॉज को खाली करवा दिया है, कुछ छात्र रह भी रहे हैं, उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
कसेरा ने कहा कि जब छात्र और छात्राएं हॉस्टल और लॉज में रह ही नहीं रहे और यह समय मुश्किलों भरा है, तब ऐसे में हॉस्टल और लॉज संचालकों की नैतिक जिम्मेवारी बनती है कि वे लॉकडाउन की अवधि का किराया न लें.
इस मामले में राज्य सरकार को भी हस्तक्षेप करने की जरूरत है. पटना में कई कोचिंग सेंटर चलते हैं. इन शिक्षण संस्थानों में पढ़ने के लिए बड़ी संख्या में राज्य के करीब सभी क्षेत्रों से बच्चे यहां आते है और लॉज-हॉस्टल में रहते हैं. लॉकडाउन के कारण अधिकांश लॉज और हॉस्टल बंद हैं.

