रांची: जब से छठी जेपीएससी का परिणाम आया है विवाद रुकने का नाम ही नहीं ले रहा. अभ्यर्थियों का कहना है कि छठी जेपीएससी की परीक्षा के परिणामों में शुरुआत से ही गड़बड़ियां रही है. अबतक प्रथम पत्र जो कि केवल क्वालीफाईंग था इसके अंकों को प्राप्तांकों में जोड़ने का मामला रहा हो या फिर सफल अभ्यर्थी को प्राप्त अंकों के अनुसार कट ऑफ मार्क्स संशोधित करने का मामला.
ये मामले अभी थमे भी नहीं थे कि अब एक या एक से ज़्यादा पत्रों में न्यूनतम अहर्तांक नहीं लाने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा में सफल घोषित कर देने एवं कई मार्कशीट में पत्र चार को दो बार मुद्रित होने एवं कई में तो प्राप्तांक भी समान रहने जैसे कई मामले प्रकाश में आये हैं जबकी यह सब कंप्यूटर से किया जाता है.
अभ्यर्थियों का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया ही अब गलत हो गई है और मेन्स परीक्षा में प्राप्त अंकों की गोपनियता भी भंग हो चुकी है. ऐसी स्थिति में नियमानुसार एवं विधिक दृष्टिकोण से भी इस विज्ञापन को ही रद्द कर अधियाचना वापस लेकर पुनः विज्ञापन प्रकाशित करने के सिवा दूसरा कोई चारा ही नहीं है. किसी भी अन्यत्र स्थिति में यह प्रक्रिया और कई वर्षों तक न्यायालय के इर्द-गिर्द ही घूमती रहेगी.
अभ्यर्थियों की समस्या का संज्ञान लेते हुए जहां सत्ता पक्ष के विधायकों बंधु तिर्की, दशरथ गगराई, राजेश कच्छप ने पत्र लिखकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस विषय का संज्ञान लेते हुए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया है. वहीं झारखंड सरकार में शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा है कि इस परीक्षा में पास को फेल एवं फेल को पास कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही इस विषय की जांच करेगी एवं उचित कार्रवाई करेगी तथा अभ्यर्थियों को न्याय के लिए न्यायालय का दरवाजा नहीं खटखटाना पड़ेगा.
इस आन्दोलन में छात्रों का नेतृत्व करने वाले अभ्यर्थी अनिल पन्ना, राजकुमार मिंज, शशि पन्ना, अजय चौधरी, उमेश कुमार, इत्यादि का कहना है कि सरकार के स्तर से प्राप्त आश्वासन से उन्हें ढांढस बंधा है एवं उन्हें उम्मीद है कि सरकार पूरे विषय को गंभीरता से लेते हुए इस परीक्षा को रद्द करने हेतु आवश्यक कार्रवाई करेगी एवं छात्रों के इतने वर्षों को बर्बाद करने एवं लाखों छात्रों के करियर से खेलने वाले जेपीएससी परीक्षा नियंत्रक, ज्ञानेन्द्र कुमार तथा इस कुकृत्य में उनके अन्य सहभागियों को बर्खास्त करने के साथ-साथ उनपर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगी.
अपनी मांगों के समर्थन में राज्यव्यापी निजी प्रदर्शन की दूसरी कड़ी में झारखंड के सभी जिलों में मशाल ,मोमबत्ती एवं दीया जलाकर प्रदर्शन किया गया. इस राज्यव्यापी आन्दोलन में लाॅकडाउन के तहत सोशल डिस्टेंसिंग को पूरा पालन किया गया एवं अपनी मांगों का समर्थन करते हुए जेपीएससी के जल्द सही होने की कामना की गई ताकी आगे आने वाले वर्षों में यह और छात्रों के करियर एवं उम्र की आहूति न ले.

