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छात्र फिजिकल और डिजिटल कनेक्टिविटी का लाभ उठाते हुए विकास का काम करें : राष्ट्रपति

by bnnbharat.com
September 30, 2019
in समाचार
छात्र फिजिकल और डिजिटल कनेक्टिविटी का लाभ उठाते हुए विकास का काम करें : राष्ट्रपति

Students should take up development work by taking advantage of physical and digital connectivity: President

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ब्यूरो चीफ, टीम,

रांची:  राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने छात्रों का आह्वान किया है कि वे फिजिकल और डिजीटल कनेक्टिविटी का लाभ उठाते हुए देश और राज्य के विकास का काम करें. उन्होंने कहा है कि जमाना काफी बदल गया है, आइटी के सहयोग से कई नये काम हो रहे हैं. ऐसे में छात्र संवेदनशील बन कर समावेशी विकास में आगे बढ़ें और देश को तरक्की के मार्ग पर ले जायें. राष्ट्रपति ने रांची विवि के 33वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए यह बातें सोमवार को रांची में कही. उन्होंने कहा कि देश में कारपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) की तरह ही कई विश्वविद्यालयों में यूनिवर्सिटी सोसल रिस्पांसिबिलिटी (यूएसआर) स्थापित किया है.

रांची विवि में भी यूएसआर का गठन हो. विवि के छात्र गांवों में जायें और केंद्र सरकार की योजनाओं के बारे में ग्रामीणों से बातचीत करें. खास कर टीकाकरण, पोषण, शिक्षा जैसे कार्यों पर चर्चा करें. इससे योजनाओं की प्रगति औऱ पहुंच की जानकारी मिल पायेगी. उन्होंने कहा कि दो दिन बाद महात्मा गांधी की 150 वीं जन्मशती राष्ट्र मनाने जा रहा है. 1925 में गांधी जी हजारीबाग के संत कोलंबस कालेज में आये थे और उन्होंने वहां के छात्रों को संबोधित किया था. गांधी जी ने कहा था कि छात्र समाज सेवा में आये आयें. समाज सेवी बनने की पहली जरूरत है, चरित्रवाण बनने की. आप देश और समाज के लिए संवेदनशील बनें. उन्होंने कहा कि झारखंड पूरी तरह खुले में शौच (ओडीएफ) से मुक्त हो गया है. दो अक्तूबर को ओडीएफ मुक्त गांव का प्रतिशत मात्र 14 फीसदी था. इस प्रयास के लिए राज्यपाल, मुख्यमंत्री, सरकार की पूरी टीम और प्रशासन बधाई के योग्य हैं. उन्होंने कहा कि छात्र ई-व्यसन (इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट) का बहिष्कार करें.

हमारे प्रतिभा आधुनिक भारत के नये आयाम गढ़ सकते हैं

राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे प्रतिभा आधुनिक भारत के नये आयाम गढ़ सकते हैं. यहां अपार अवसरों के साथ-साथ चुनौतियां भी हैं. स्वरोजगार को बढ़ावा देने की आवश्यकता है. युवा जॉब क्रिएटर बनें और दूसरों को रोजगार का अवसर प्रदान करें. झारखंड के महेंद्र सिंह धौनी ने रांची का नाम देश में ही नहीं पूरे विश्व में रौशन किया है. वह बहुत सादगी पसंद हैं. इसी तरह दीपीका कुमारी भी हैं. झारखंड के कई ऐसे नामचीन हैं, जिन्होंने अपने कारगुजारियों से देश का मान बढ़ाया. अलबर्ट एक्का ने 1971 की लड़ाई में पाकिस्तान के सैनिकों का डट कर मुकाबला किया औऱ शहीद हुए. 1928 में जयपाल सिंह मुंडा के नेतृत्व में भारतीय हॉकी टीम ने ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता. रांची विवि से पढ़े एमवाई इकबाल सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे. संघर्ष औऱ त्याग की घटना के रूप मे भगवान बिरसा मुंडा, नीलांबर पीतांबर, सिदो कान्हू जैसे वीर बलिदानियों ने भी यहां की संस्कृति को नया आयाम दिया. टाना भगतों ने अपने आंदोलन से गांधी जी के बताये मार्ग पर चल कर अपनी कुरबानी दी है.

झारखंड में ह्यूमन रीर्सोस बड़ा टैलेंट है, इसे संजोने की जरूरत है

राष्ट्रपति ने कहा कि झारखंड में मानव संसाधन (ह्यूमन रीसोर्सेज) सबसे बड़ा टैलेंट है, जो यहां की प्राकृतिक औऱ नैसर्गिक संसाधनों से भी अधिक अमूल्य है. इसे संजोने की जरूरत है. आज के दीक्षांत समारोह में 56 में से 47 बेटियों को गोल्ड मेडल मिला है. बेटियां, बेटों से आगे निकल चुकी हैं. बेटियों के प्रदर्शन से भारत का भविष्य उज्जवल होगा.

केंद्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण योजनाएं यहां से शुरू की

झारखंड की राजधानी से केंद्र ने कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू कीं. 12 सितंबर को 450 एकलव्य मॉडल स्कूल बनाने की शुरुआत की गयी. साहेबगंज में मल्टी मॉडल टर्मिनल की शुरुआत की गयी. देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत की शुरुआत भी यहीं से हुई. किसान मानधन योजना, व्यवसायियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन योजना भी यहां से शुरू हुई. झारखंड की धरती सिर्फ रत्नगर्भा ही नहीं, बल्कि केंद्र सरकार के लिए भी योजनाओं को शुरू करने का केंद्र बन गयी है. अप्रैल 2019 में झारखंड सरकार ने ई-सिरगेट बैन किया, जबकि देश भर में यह आदेश सितंबर 2019 को पारित किया गया. कार्यक्रम में कुलाधिपति सह राज्यपाल द्रौपदी मुरमू, मुख्यमंत्री रघुवर दास, मानव संसाधन मंत्री डॉ नीरा यादव, रांची विवि के कुलपति रमेश कुमार पांडेय समेत उपाधी पानेवाले 3000 से अधिक छात्र मौजूद थे.

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