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सुबोध कांत ने कुरैश समाज के पुश्तैनी रोजगार की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

by bnnbharat.com
December 23, 2020
in समाचार
सुबोध कांत ने  कुरैश समाज के पुश्तैनी रोजगार की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
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रांची: पूर्व केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री सुबोध कांत सहाय ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर कर झारखंड के कुरैश समाज की पुश्तैनी रोजगार को पुनः बाहल करने की मांग की. पत्र में सुबोध कांत ने लिखा है कि झारखंड प्रदेश के अध्यक्ष मुजीब कुरैशी ने लगातार कुरैश समाज की रोजगार की मांग करते आ रहे है. इसलिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का ध्यान आकृष्ट करना चाहता हूं कि पूर्व भाजपा सरकार में जिस तरह से अकलीती समाज को प्रताड़ित करने का काम किया था, वह काफी निंदनीय व कुठाराघात था.

कुरैशी बिरादरी छोटे-मोटे अपने पुश्तैनी रोजगारों के माध्यम से अपनी जीविका चलाया करते थे. सर्वप्रथम भाजपा सरकार के द्वारा उनके कमर तोड़ने का काम किया गया,  जिससे उनमें बेरोजगारी की लगातार वृद्धि होती गयी. मैं लगातार उस जमाने से लेकर आजतक इनकी लड़ाई लड़ता रहा हूं.

महागठबंधन की सरकार बने हुए एक साल हो गये है, लेकिन आजतक इनके जो मूलभूत सवाल है, उसका निदान नहीं हो पाया है. सरकार के द्वारा वधशाला निर्माण और पशुओं की खरीद बिक्री के लिए लाईसेंस देने की बात कही जा रही थी, उस दिशा में भी कोई कार्रवाई नहीं हो पायी है.

इस संबंध में मैंने कुछ दिन पहले  स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता से भी अनुरोध किया था. मैं आपसे अनुरोध करना चाहता हैं कि आज कुरैशी बिरादरी के लोगों के बीच में इस सरकार के प्रति जो उपेक्षा किये जाने के सवाल पर बहस उठे हैं, उसका खात्मा किया जाये, क्योंकि आपकी सरकार और आप जिस तरह से आदिवासी समाज के सरना कोड के सवाल पर फैसला किया था, वे अपने आप में मील का पत्थर है.

उसी तरह से अकीलियतों से जुड़े हुए विभिन्न मुद्दों से संबंधित किसी एक दिन व्यापक तौर पर सभी लोगों को बुलाकर और एक सर्वसम्मति से अंतिम फैसला करके,  गुख्यमंत्री इस जायज मांग पर मुहर लगाने का काम करें, ताकि अल्पसंख्यक मुस्लिम समाज को हमारी सरकार पर विश्वास बढ़े.

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