नई दिल्ली: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर दिल्ली सरकार ने ‘इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2019’ को अमली जामा पहनाने की कवायद शुरू कर दी है. इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को सब्सिडी की रकम सीधे उनके बैंक एकाउंट में भेजी जाएगी. वाहन डीलर को सब्सिडी की रकम नहीं दी जाएगी.
सूत्र बताते हैं कि परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की और इसके प्रभावी कार्यान्वयन को लेकर निर्देश दिए. इसी के साथ इसके ईवी फंड, स्टेट ईवी बोर्ड और ईवी सेल के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. सूत्र बताते हैं कि 1 महीने के भीतर सारी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी.
बता दें कि अगले 5 सालों में दिल्ली सरकार ने इस पॉलिसी के तहत दिल्ली में 5 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण का लक्ष्य रखा है. इस पॉलिसी के तहत इलेक्ट्रिक व्हीकल को प्रमोट किया जाएगा. जिसके लिए सराकर इलेक्ट्रिक व्हीकल की खरीद पर लोगों को इंसेंटिव देगी. दुपहिया वाहन में 30 हजार रुपये का इंसेंटिव, कार पर 1.5 लाख रुपये, ऑटो, ई-रिक्शा और मालवाहक पर 30 हजार रुपये का इंसेंटिव दिया जाएगा.
स्क्रैपिंग इंसेंटिव देगी केजरीवाल सरकार
सीएम केजरीवाल ने था बताया कि ये सभी इंसेंटिव केंद्र सरकार द्वारा दिए जाने वाले इंसेंटिव से अलग दिए जाएंगे. यानी दोनो सरकारों द्वारा दिए जाने वाले इंसेंटिव का लाभ लोगों को मिलेगा.वहीं इसके साथ ही स्क्रैपिंग इंसेंटिव भी केजरीवाल सरकार देने जा रही है. ये इंसेंटिव कोई सरकार पहली बार दे रही है.स्क्रैपिंग इंसेंटिव पुराने पेट्रोल-डीजल वाले वाहनों के बदले नए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर दिया जाएगा.
एक साल में बनेंगे 200 चार्जिंग स्टेशन
इसके साथ ही इस पॉलिसी के तहत दिल्ली में चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे. पहले एक साल में 200 चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे. सरकार की कोशिश ये रहेगी कि दिल्ली में 3 किमी के दायरे में चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध हों. इस पॉलिसी को लागू करने और इसके कार्यन्वयन के लिए सरकार स्टेट इलेक्ट्रिक व्हीकल फंड बनाया जाएगा. इसके साथ ही स्टेट इलेक्ट्रिक व्हीकल बोर्ड और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेल भी बनाया जाएगा.

