रांची: शिबू सोरेन झारखंड के सबसे बड़े नेताओं में शुमार हैं. उन्हें लोग दिशोम गुरू के नाम से भी पुकारते हैं. शिबू सोरेन झारखंड के आदिवासी समुदाय के सबसे बड़े राजनीतिक चेहरों में से एक हैं.
शिबू सोरेन तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. इस दौरान वह केवल 10 दिनों के लिए भी झारखंड के मुख्यमंत्री रहे. झामुमो के संस्थापक रहे शिबू सोरेन वर्ष 2006 में केंद्र सरकार में कोयला मंत्री भी रहे हैं. शिबू सोरेन झारखंड के दुमका से 14वीं लोकसभा में सांसद थे.
शिबू सोरेन ने पहला लोकसभा चुनाव 1977 में लड़ा था, लेकिन उस चुनाव में उन्हें हार मिली थी. वह पहली बार 1980 में लोकसभा सांसद चुने गए. इसके बाद शिबू 1989, 1991 और 1996 में लोकसभा चुनाव जीते. 2002 में वह राज्यसभा में पहुंचे.
इसी साल उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा देकर दुमका से लोकसभा का उपचुनाव जीता. 2004 में वे दुमका से लोकसभा के लिये चुने गये. अब 2020 में राज्यससभा चुनाव में उन्हेंल फिर जीत मिली.
दीपक प्रकाश का राजनीतिक सफर
दीपक प्रकाश अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के समय से सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में रहे हैं. झारखंड के पहले मुख्य मंत्री बाबूलाल मरांडी की भाजपा सरकार के समय दीपक को झारखंड खनिज विकास निगम का चेयरमैन नियुक्तस किया गया था.
वर्ष 2006 में बाबूलाल मरांडी के भाजपा छोड़ने के क्रम में दीपक प्रकाश ने भी बीजेपी से इस्तिाफा दे दिया था. हालांकि तीन साल बाद वे वापस भारतीय जनता पार्टी में लौट आए. दीपक को संगठन का लंबा अनुभव है.

