BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भूषण को सुनाई एक रुपये के जुर्माने की सजा

by bnnbharat.com
August 31, 2020
in Uncategorized
31 मार्च के बाद बिके BS-4 वाहनों का नहीं होगा रजिस्ट्रेशन: सुप्रीम कोर्ट
Share on FacebookShare on Twitter

दिल्ली: भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने जाने-माने वकील प्रशांत भूषण को अवमानना मामले में दोषी ठहराने के बाद एक रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है. जुर्माना नहीं दिए जाने की स्थिति में उन्हें तीन महीने जेल की सजा हो सकती है और तीन साल के लिए कानून की प्रैक्टिस पर भी रोक लगाई सकती है.

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अपना आदेश सुनाते हुए कहा कि कोर्ट का फ़ैसला किसी प्रकाशन या मीडिया में आए विचारों से प्रभावित नहीं हो सकता. अदालत ने कहा कोर्ट के विचार किए जाने से पहले ही प्रशांत भूषण के प्रेस को दिए बयान कार्यवाही को प्रभावित करने वाले थे. सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भूषण के दो ट्वीट्स को अदालत की अवमानना के लिए ज़िम्मेदार माना था.

कोर्ट ने अपने आदेश में ये भी कहा कि जनवरी 2018 में की गई सुप्रीम कोर्ट के चार न्यायाधीशों की प्रेस कांफ्रेस भी गलत थी. न्यायाधीशों को प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की अपेक्षा नहीं होती है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अभिव्यक्ति की आज़ादी है लेकिन दूसरों के अधिकारों का भी सम्मान करना चाहिए.

न्यायालय ने भूषण के ट्वीट्स का स्वत: संज्ञान लेते हुए उन्हें भारत के चीफ़ जस्टिस एस.ए. बोबडे और सुप्रीम कोर्ट की आलोचना करने का दोषी करार देने के बाद उनकी सजा पर फ़ैसला सुरक्षित रख लिया था.

भूषण ने यह कहते हुए अदालत से माफ़ी मांगने या अपनी टिप्पणी वापस लेने से इनकार कर दिया था कि ऐसा करना उनकी ‘अंतरात्मा और कोर्ट की अवमानना के समान’ होगा.

सुप्रीम कोर्ट के सामने भूषण के वकील ने तर्क दिया था कि कोर्ट को अपनी आलोचना स्वीकार करनी चाहिए. वहीं अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगापोल ने सुप्रीम कोर्ट से भूषण को सजा न देने की अपील की थी.

मगर अवमानना मामले के तहत कार्रवाई करने की वजह को लेकर सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि जज अपना पक्ष रखने के लिए मीडिया का सहारा नहीं ले सकते.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

उम्मीद है दिवाली तक कोविड-19 महामारी समाप्त हो जाएगी: स्वास्थ्य मंत्री

Next Post

ऑड-ईवन के माध्यम से होगी JEE परीक्षा: शिक्षा मंत्री

Next Post
उर्दू के बेहतरीन कलमकारों के लिए शुरू की जाएगी पुरस्कार योजना: केंद्रीय शिक्षा मंत्री

ऑड-ईवन के माध्यम से होगी JEE परीक्षा: शिक्षा मंत्री

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d