BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

राजनीति में आपराधिक छवि के लोगों की बढ़ती हिस्सेदारी पर चिंतित सुप्रीम कोर्ट

by bnnbharat.com
February 13, 2020
in Uncategorized
राजनीति में आपराधिक छवि के लोगों की बढ़ती हिस्सेदारी पर चिंतित सुप्रीम कोर्ट

अब किसी अपराधी को टिकट नहीं दे सकेंगे राजनीतिक दल

Share on FacebookShare on Twitter

नयी दिल्लीः  राजनीति में आपराधिक छवि के लोगों की बढ़ती हिस्सेदारी पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को चिंता व्यक्त की है.

साथ ही  कोर्ट ने निर्देश दिया कि वे अपनी वेबसाइट पर सभी उम्मीदवारों की जानकारी साझा करें. इसमें उम्मीदवार पर दर्ज सभी आपराधिक केस, ट्रायल और उम्मीदवार के चयन का कारण भी बताना होगा.

यानी राजनीतिक दलों को ये भी बताना होगा कि आखिर उन्होंने एक क्रिमिनल को उम्मीदवार क्यों बनाया है. बता दें कि राजनीति में आपराधिक छवि के लोगों की बढ़ती हिस्सेदारी पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को चिंता व्यक्त की है.

अगर कोई भी नेता सोशल मीडिया, अखबार या वेबसाइट पर ये सभी जानकारियां नहीं देता है तो चुनाव आयोग उसके खिलाफ एक्शन ले सकता है और सुप्रीम कोर्ट को भी जानकारी दे सकता है.

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि अगर कोई भी राजनीतिक दल किसी  अपराधी को टिकट देती है तो उसका कारण चुनाव आयोग को बताना होगा.

एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ये आदेश दिया है. अदालत के फैसले के अनुसार, सभी राजनीतिक दलों को उम्मीदवार घोषित करने के 72 घंटे के भीतर चुनाव आयोग को भी इसकी जानकारी देनी होगी.

इसे भी पढ़ेंः विलय को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी में जुटा झाविमो, बाबूलाल ने खुद संभाली कमान

साथ ही घोषित किए गए उम्मीदवार की जानकारी को स्थानीय अखबारों में भी छपवानी होगी. इस याचिका को दायर करने वाले वकील अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि अगर कोई भी उम्मीदवार या राजनीतिक दल इन निर्देशों का पालन नहीं करेगा, तो उसे अदालत की अवमानना माना जाएगा.

यानी सभी उम्मीदवारों को अखबार में अपनी जानकारी देनी होगी. वकील के मुताबिक, अगर किसी नेता या उम्मीदवार के खिलाफ कोई केस नहीं है और कोई भी FIR दर्ज नहीं है तो उसे भी इसकी जानकारी देनी होगी.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

केजरीवाल के शपथग्रहण को लेकर अन्य राज्य के मुख्यमंत्री या VIP को न्योता नहीं

Next Post

17 फरवरी को जेवीएम के भाजपा में विलय के अवसर पर पूरे प्रदेश से भाजपा के हजारों कार्यकर्ता इस मिलन समारोह में करेंगे शिरकत

Next Post
17 फरवरी को जेवीएम के भाजपा में विलय के अवसर पर पूरे प्रदेश से भाजपा के हजारों कार्यकर्ता इस मिलन समारोह में करेंगे शिरकत

17 फरवरी को जेवीएम के भाजपा में विलय के अवसर पर पूरे प्रदेश से भाजपा के हजारों कार्यकर्ता इस मिलन समारोह में करेंगे शिरकत

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d