मुंबई: दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत केस में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच तेज हो गई है. सुशांत का पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर और एक्सपर्ट की टीम से सीबीआई के अफसर पूछताछ करेंगे. सीबीआई को शक है कि या तो पोस्टमॉर्टम सही से नहीं हुआ है या फिर रिपोर्ट में कोई गड़बड़ी है.
बताया जा रहा है कि सीबीआई, मुंबई पुलिस से भी पोस्टमॉर्टम को लेकर सवाल-जवाब करेगी. मुंबई पुलिस से सीबीआई पूछेगी कि उन्होंने दूसरे डॉक्टर या एक्सपर्ट से क्यों नहीं संपर्क किया.
विशेषज्ञों द्वारा सीबीआई को बताया गया है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मृत्यु के समय जैसी महत्वपूर्ण जानकारी का उल्लेख क्यों नहीं किया गया है?
सुशांत सिंह राजपूत की अटॉप्सी रिपोर्ट सामने आ गई है. अटॉप्सी रिपोर्ट में कहा गया है कि लटकने के कारण दम घुटने से (अप्राकृतिक) सुशांत की मौत हुई है. इसमें यह भी बताया गया कि थायरॉयड-उपास्थि के स्तर पर गर्दन के चारों ओर मौजूद दबने के निशान (संयुक्ताक्षर चिह्न) भी मौजूद हैं. रिपोर्ट के मुताबिक ‘संयुक्ताक्षर’ (लिगेचर) की कुल लंबाई 33 सेंटीमीटर है.
बता दें कि लिगेचर मार्क को आम भाषा में गहरा निशान कहते हैं. आमतौर पर यह यू शेप का होता है, जो बताता कि गला किसी रस्सी या उसके जैसी चीज से कसा गया है.
रिपोर्ट में बताया गया है कि गर्दन की दाईं ओर लिगेचर का निशान अधिक और गहरा है और गर्दन के पीछे और ग्रीवा के फैलाव पर यह निशान नहीं है. रिपोर्ट में लिगेचर के निशान के बारे में विस्तृत विवरण दिया गया है.
पांच डॉक्टरों द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि चमड़े के नीचे के ऊतक और मांसपेशियों में और थायरॉयड ग्रंथि, स्वरयंत्र की मांसपेशियों और कंठ नली की मांसपेशियों में रक्तस्राव का कोई सबूत नहीं है.

