लखीसराय: लखीसराय सदर अस्पताल की लापरवाह व्यवस्था ने शनिवार को एक और कोरोना संदिग्ध युवक की जान ले ली. जिले के नया बाजार वार्ड 16 निवासी एक व्यक्ति का इलाज कराने के लिए शनिवार को देर शाम सदर अस्पताल पहुंचे. पीड़ित व्यक्ति बुखार से तड़प रहा था. सांस लेने में भी तकलीफ हो रही थी. परंतु अस्पताल में किसी भी डॉक्टर के नहीं रहने के कारण अस्पताल में उसकी मौत हो गई. अस्पताल में सिर्फ सिक्योरिटी गार्ड के अलावा कोई भी उपस्थित नहीं था. तड़पते पीड़ित व्यक्ति की कुछ ही देर में मौत हो गई.
मृतक के परिजन अपने बेटे की मौत के लिए सदर अस्पताल की लचर व्यवस्था को जिम्मेदार मान रहे हैं. मृतक के परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार मृतक व्यक्ति की तबीयत खराब होने के बाद 27 जुलाई को सदर अस्पताल में कोरोना की जांच के लिए लाया गया था, लेकिन अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा किसी भी प्रकार का इलाज नहीं किया गया और उन्हें घर भेज दिया गया. घर पहुंचने पर मृतक की बीमारी बढ़ती है चली गई और उसकी जान चली गई. हंगामा होने के बाद अस्पताल के प्रबंधक नंदकिशोर भारतीय ने अस्पताल पहुंचकर मृतक के परिजनों से बात की और कोरोना के सारे लक्षण रहने के बावजूद उनकी रिपोर्ट निगेटिव आने की बात परिजनों से कही लेकिन परिजन इस बात को मानने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थे.
मृतक के परिवार का कहना था कि 3 दिनों से रोज रिपोर्ट की जानकारी लेने अस्पताल पहुंच रहे हैं. लेकिन कोई भी रिपोर्ट नहीं दे रहा है. उधर अस्पताल प्रबंधक ने बताया कि अस्पताल आने के बाद मुझे जानकारी मिली पीड़ित मरीज की मौत हो गई है. जिसके पूर्व कोरोना जांच कराई गई थी जिसमें रिपोर्ट निगेटिव आई है. उन्होंने बताया कि अगर पॉजिटिव रिपोर्ट आती तो उनके परिजन को इसकी जानकारी पहले ही दे दी जाती.

