जम्मू: न्यायालय से स्टे होने के बावजूद भी खेल कोटे से अलग-अलग विभागों में तैनात किए गए कर्मचारियों की नौकरी पर तलवार लटक गई है. विद्युत विभाग में नियमों को ताक पर रखकर की गई तैनाती पर एक कर्मचारी को नौकरी से हटा दिया गया है. साथ ही विभाग में कार्यरत खेल नीति से अन्य कर्मचारियों का ब्योरा भी मांग लिया है. अब उक्त कर्मचारियों को हटाया जाएगा.
सूत्रों के अनुसार एक सप्ताह के अंदर विभाग की अलग-अलग विंग से रिपोर्ट मुख्य अभियंता को भेजी जाएगी. नियमों को ताक पर रखने के बाद अलग-अलग विभागों में हुई तैनातियों पर भी जांच की जा रही है. विभागों के अधिकारियों ने रिकॉर्ड फील्ड स्टाफ से मांगा है. अगर खेल कोटे से भर्ती होगी, तो कर्मचारी को नौकरी से हटाया जाना है.
सूत्रों के अनुसार अलग-अलग विभागों में 80 से ज्यादा कर्मचारियों की तैनाती की गई है. हर विभाग में औसतन तीन से चार कर्मचारी तैनात किए गए हैं. यह कार्रवाई विद्युत विभाग लिखित शिकायत पर कर रहा है. शिकायत में बताया गया कि था स्टे के बावजूद तैनाती कर दी गई है. सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से तैनाती के आदेश किए गए हैं.
वर्ष 2014 में कोटे से खाली पदों को भरा गया था, जबकि कोर्ट से नियुक्तियों पर स्टे लगा हुआ था. ऐसे में जीएडी ने नियमों को ताक पर रखकर खेल कोटे से खाली पदों को भरा. विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता गुरमीत सिंह ने कहा कि एक कर्मचारी को हटा दिया गया है. अगर कोर्ट से अन्य विंगों में कर्मचारी तैनात होंगे, तो उन्हें भी हटा दिया जाएगा. विभागीय जांच चल रही है.

