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लड़कियों और लड़कों में समानता

बच्चों की चिंतन प्रक्रिया और व्यवहार (परवरिश-13)

राहुल मेहता रांची: सुमन और गीता साथ खेलतीं, साथ विद्यालय जातीं और अपना हर सामान साझा करतीं. दोनों में नोक-झोंक तो होती परन्तु क्षण भर के लिए. मजाल था कि उनके समक्ष कोई इनकी बुराई कर देता. फिर ऐसा क्या हुआ कि दोनों ने बात करना बंद कर…

भावनाओं पर नियंत्रण (परवरिश-12)

राहुल मेहता. रांची: रिया और सुमित का प्यार छेड़-छाड़ के बिना पूरा ही नहीं होता. जब मौका मिले धक्का-मुक्की. पल में लड़ाई और पल भर में प्यार. यह हर दिन का किस्सा था. मां चिल्लाती रहती. कभी-कभी पति को भी खीज कर बोल देती- “सब आपके शह का फल है.…

किशोरावस्था में भटकाव की संभावना ज्यादा होती ह, अतः बच्चों के दोस्तों के बारे में जानकारी अवश्य रखें…

राहुल मेहता रांची: घर में होली का त्यौहार धूम-धाम से मनाने की चर्चा चल रही थी. पूजा ने कहा कि वह सहेलियों के घर जाएगी. फिर क्या था, मां शुरू हो गई.“इसको तो कुछ समझ है ही नहीं, इतनी बड़ी हो गयी है लेकिन हरकत अभी भी बच्चों जैसी.” पूजा भी…

बच्चों को अनुशासित करने के सकारात्मक तरीके (परवरिश-10)

राहुल मेहता रांची: रोहित खेलते समय गिर गया और उसका कपड़ा गन्दा हो गया. घर लौटा तो देखा कुछ मेहमान आये हुए थे. वह चुपके से बाथरूम की ओर जाने लगा. पर पिताजी ने देख लिया. “कोई प्रणाम-पाती नहीं? ध्यान कहां रहता है तुम्हारा?”- रोहित ने अपनी…

मर्यादा निर्धारित करना, (परवरिश-9)

राहुल मेहता रांची: परवेज के पिता उसे अक्सर सुबह उठ कर पढ़ने के लिए कहते. वे उसे सुबह उठने की फायदे भी बताते. पर इन सीखों का उसपर कोई असर नहीं होता. यह सिर्फ उपदेश बन कर रह गयी. न तो परवेज कभी जल्द उठा न उसके पिताजी ने उसे उठाया. क्योंकि…

बच्चे दुर्व्यवहार क्यों करते हैं? (परवरिश-8)

राहुल मेहता, रांची: “परीक्षा शुरू होने वाला है पर तुम्हारा टीवी देखना कम नहीं हो रहा. इस बार फेल होना है क्या? बोलो तो विद्यालय से नाम कटा कर सरकारी विद्यालय में नाम लिखा दूं”. पिताजी बोले जा रहे थे और रश्मि चुपचाप सुने जा रही थी. वह…

तारीफ करना (परवरिश-7)

राहुल मेहता रांची: गोपाल ने माता-पिता के बाजार से लौटने के पूर्व बिना बोले घर व्यवस्थित कर दिया था. उसने जूठा कप और गिलास भी धो दिया था. उसे लगा उसने अच्छा कार्य किया है. पर यह क्या ? उसके अभिभावकों ने उसके कार्य पर कोई टिप्पणी ही नहीं…

उत्तम श्रवण कौशल (परवरिश-6)

राहुल मेहता रांची: प्रकाश को एक प्रश्न का उत्तर समझ में नहीं आ रहा था. वह पिताजी के पास गया. पिताजी फोन पर बात कर रहे थे.  उन्होंने उसकी बात आधी सुनने का बाद कहा - “इस प्रश्न को छोड़ दो, बाद में बता दूंगा. प्रकाश के लिए उत्तर नया नहीं…

अभिभावक – बाल संवाद (परवरिश-5)

राहुल मेहता रांची: तृप्ति बहुत खुश थी. पहली बार वह वर्ग में प्रथम आयी थी. उसने ख़ुशी- खुशी पिताजी को अपना रिजल्ट दिखाया. पर यह क्या? पिताजी तो भड़क उठे. “इतना कम अंक, 90% भी नहीं, पढ़ाई में मन नहीं लगता क्या ?” यह तृप्ति के लिए वज्रपात से…

बच्चों का स्वभाव (परवरिश-4)

राहुल मेहता रांची: दीपक अक्सर अपने शांत स्वभाव के कारण डांट सुनता था. कभी कभी कोई उसे गऊ तो कोई “घर घुसना” कह देता. व्यथित हो उसने अपना स्वभाव बदलने का प्रयास किया. पर आदत नहीं होने के करण कोई न कोई गलती हो जाती थी और वह उपहास का पात्र…

पालन-पोषण की शैली (परवरिश-3)

राहुल मेहता सुनीता के साथ छेड़-छाड़ की घटना के बाद उसपर अनेक पाबंदियां लगा दी गयी. उसका अकेले बाहर आना जाना सीमित हो गया. उसकी दोस्त रेखा ने उसे कहा- “मैंने शुरू में ही कहा था न कि घर में बता दो, अगर बता देती तो बात इतनी नहीं बिगड़ती न”.…

बेहतर पालन-पोषण के लिए सकारात्मक सामाजिक नियम अनिवार्य और महत्वपूर्ण हैं (परवरिश-2)

राहुल मेहता रांची: खेल में रोहन को चोट लगने पर रोने लगा. उसके आठ वर्षीय दोस्त संदीप ने ताना मारा- क्या लड़कियों जैसा रो रहे हो ? मर्द को दर्द नहीं होता. क्या वास्तव में मर्द को दर्द नहीं होता या वे सामाजिक मानदंड के कारण दर्द व्यक्त नहीं…

बच्चों की बेहतर पालन-पोषण और अभिभावकों की जिम्मेदारियां (परवरिश -1)

राहुल मेहता, रांची: बच्चों के परवरिश के महत्त्व से हम सभी वाकिफ हैं. परवरिश निर्धारित करता है कि बच्चा कैसे बड़ा होगा और बड़ा होकर कैसा होगा. अधिकतार माता पिता बच्चों के लिए अपना जीवन न्योछावर कर देतें हैं, कभी अपनी इच्छा तो कभी अपने…