जानिए शिकाकाई के औषधीय गुण : वनौषधि 16
शिकाकाई इसे विमल या सप्तला भी कहते है। इसके पौधे का स्वरूप एक फैला हुआ कंटकी गुल्म, शाखाएँ लम्बी पतली, ...
Read moreDetailsशिकाकाई इसे विमल या सप्तला भी कहते है। इसके पौधे का स्वरूप एक फैला हुआ कंटकी गुल्म, शाखाएँ लम्बी पतली, ...
Read moreDetailsबबूल इसे कीकर भी कहते हैं। यह मूलतः अफ्रीका एवं भारत में पाया जाने वाला वृक्ष है। इस पेड़ में ...
Read moreDetailsबड़ी इलायची इसे संस्कृत में वृहदेला, अंग्रेजी में Black cardamom तथा हिंदी में 'काली इलायची', 'भूरी इलायची', 'लाल इलायची', 'नेपाली ...
Read moreDetailsकाजू शुक्रवर्धक, त्वचा को मृदु बनाने के गुण वाली तथा पौष्टिक है। प्रचलित नाम- काजू बदाम वैज्ञानिक नाम - Anacardium ...
Read moreDetailsअकरकरा में कामेच्छा को बढ़ाने वाले गुण होते हैं। पुरुषों के लिंग विकारों में प्रयोज्य। प्रचलित नाम- अकरकरा वैज्ञानिक नाम ...
Read moreDetailsप्रचलित नाम- वच/ (घोर वच) वैज्ञानिक नाम Acorus calamus प्रयोज्य अंग-भूमिगत कंद । स्वरूप- कीचड़ या जल में उगने वाले ...
Read moreDetailsअपामार्ग के मूल को दूध में घिसकर मासिक ऋतु स्राव के समय सेवन कराने से पुत्र पैदा होता है। प्रचलित ...
Read moreDetailsग्रीष्मऋतु में इसके फल के गूदे का शरबत पीने से लू का असर बिलकुल नहीं होता। प्रचलित नाम- गोरख इमली ...
Read moreDetailsखाली पेट या भूख लगी हो तब अनानास का सेवन नहीं करना चाहिए। प्रचलित नाम- अनानास (वैज्ञानिक नाम - Ananas ...
Read moreDetailsपसीने से शरीर में आने वाली दुर्गन्ध में बिल्व पत्रों के स्वरस को पूरे शरीर पर लगाने से दुर्गन्ध दूर ...
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