रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कहा कि केंद्र सरकार को यह पता है कि लाॅकडाउन में कोई भी धरना-प्रदर्शन या सड़क पर उतर बड़ा जनआंदोलन नहीं होगा, इसका फायदा उठाकर लगातार पेट्रोललियम पदार्थाें की कीमतों में बढ़ोत्तरी होने से लोगों में जनाक्रोश है.
पार्टी ने इसके खिलाफ देशव्यापी आंदोलन शुरू करने का फेसला लिया है, इसके तहत पहले चरण में 29 जून को राज्य मुख्यालय और जिला मुख्यालयों में धरना प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा. जबकि 30 जून से 4 जुलाई तक राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों में भी प्रदर्शन आयोजित करने का निर्णय लिया गया है.
पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी कर गरीबों, निम्न मध्यमवर्गीय, मध्यमवर्गीय, किसानों , छात्र-युवाओं पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ लादने में जुटी है.
प्रत्येक दिन कीमतों में बढ़ोत्तरी हो रही है यह,सरकार की कौन सी नीति है, यह समझ से परे है. कोरोना काल में जब पूरी दुनिया में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गयी, ऐसे समय में मूल्य वृद्धि हर व्यक्ति के लिए समझ से परे है.
देश का हर नागरिक केंद्र सरकार की इस नीति से त्रस्त है. उन्होंने बताया कि 29 को प्रदेश और जिला मुख्यालयों में सोशल डिस्टेसिंग के माध्यम से धरना-प्रदर्शन के अलावा स्पीक अप इंडिया और स्पीक अप जवान की तर्ज पर स्पीक ऑफ पेट्रोल प्राइसेस के माध्यम से भी लाखों पार्टी नेता-कार्यकर्ता और आमजन भी सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर प्रधानमंत्री के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराएंगे.
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि 29 जून को धरना-प्रदर्शन के साथ ही उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा जाएगा. वहीं प्रखंड मुख्यालयों में होने वाले प्रदर्शन को लेकर सामाजिक दूरी का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है.
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रवासी श्रमिकों की घर वापसी के कारण कोरोना संक्रमण के मामले में वृद्धि हुई है. इसे देखते हुए धरना-प्रदर्शन में विशेष सावधानी बरतने और अधिक भीड़ नहीं एकत्रित करने का निर्देश दिया गया है.
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि कोरोना संकट काल में प्रदेश भाजपा कार्यालय में ताला लटका रहा और भाजपा नेताओं की इस संकटकाल में सिर्फ चिट्ठी लिखने और प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की ही भूमिका रही.

