राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम 10 से 20 फरवरी तक
रांची: राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम अभियान का आयोजन 10 से 20 फरवरी तक किया जा रहा है. इस दौरान राज्य के 1 करोड़ 08 लाख 18 हजार 177 बच्चों को कृमि नाशक दवा देने का लक्ष्य रखा गया है.
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक रविशंकर शुक्ला ने बताया कि राज्य में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम का आयोजन राज्य के 16 जिलों चतरा, देवघर, दुमका, गढ़वा, गिरिडीह, गोड्डा, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, कोडरमा, लोहरदगा, पाकुड़, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, रांची और सिमडेगा में 10 से 20 फरवरी तक किया जाएगा और सभी लक्षित बच्चों को सहिया कार्यकर्त्ता और आंगनबाड़ी सेविका द्वारा कोविड-19 सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए गृह भ्रमण कर कृमिनाशक दवा अल्बेण्डाजोल की गोली खिलायी जाएगी. शेष जिलों में फरवरी और अप्रैल में बच्चों को अल्बेण्डाजोल की दवा खिलायी जाएगी.
रविशंकर शुक्ला ने बताया कि कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य झारखंड के सभी बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण संबंधी स्थिति और संज्ञानात्मक विकास तथा जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए उन्हें कृमि मुक्त करना है. आम तौर पर यह देखा गया है कि कृमि संक्रमण का बच्चों के स्वास्थ्य और उनके समग्र विकास पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ सकता है. भारत में कृमि संक्रमण एक जन स्वास्थ्य की समस्या के रूप में उभर रहा है.
डब्ल्यूएचओ के अनुमानुसार, भारत में 1 से 14 साल तक की उम्र के 22 करोड़ से अधिक बच्चों को कृमि संक्रमण का खतरा है. वहीं विश्व में भारत उन देशों में एक है, जहां कृमि संक्रमण और इससे संबंधित रोग सबसे अधिक पाये जाते है. कृमि संक्रमण की रोकथाम के लिए एल्बेंडाजॉल दवाई का सेवर एक सुरक्षित, लाभदायक और प्रभावी उपाय है, जो साक्ष्य आधारित और वैश्विक स्तर पर स्वीकृत है.

