लातेहार : समाहरणालय सभागार में जिला समाज कल्याण, बाल कल्याण एवं बाल संरक्षण की बैठक आयोजित की गई. इसकी अध्यक्षता उपायुक्त अबु इमरान ने की. बैठक में उपायुक्त अबु इमरान ने निर्देश दिए कि सरकार के द्वारा लाभुकों के लिए संचालित योजनाओं का लाभ लाभुको को मिले, इसे सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि योजनाओं के संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उपायुक्त ने जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, सीडीपीओ एवं सुपरवाइजर को योजनाओं को गति देकर लक्ष्य के अनरूप कार्य करने का टास्क सौंपा. समीक्षा क्रम में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी के द्वारा बताया गया कि जिले में 962 आंगनबाड़ी केन्द्र है. उपायुक्त के द्वारा आंगनबाडी केन्द्रों में पानी, बिजली एवं शौचालय की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली गई. जिसमें पाया कि कई केन्द्रों पर बिजली,पानी एवं शौचालय नहीं है. जिस पर उपायुक्त के द्वारा निर्देशित किया कि ऐसे केन्द्र जहां बिजली,पानी एवं शौचालय की व्यवस्था नहीं है, उन केन्द्रों पर एक माह के अंदर सभी सुविधा विकसित करें. बैठक में उपायुक्त अबु इमरान ने समाज कल्याण विभाग से संचालित योजनाओं की समीक्षा में पाया कि पूर्व के ही प्रतिवेदन को बैठक में समीक्षा हेतु प्रस्तुत किया गया है. उपायुक्त के द्वारा जांच किया गया तो पता चला कि वर्ष 2020 के अक्टूबर माह के प्रतिवेदन को ही दिखाया जा रहा है. जिस पर उपायुक्त के द्वारा प्रतिवेदन बनाने वाले पोषण अभियान के जिला समन्वयक विकास कुमार, कंप्यूटर ऑपरेटर मनोज कुमार एव हिना कुमारी का वेतन बंद करने एवं जांच के बाद दोषी पाए जाने पर हटाने का निर्देश जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को दिया. बैठक के दौरान जिले में गर्भवती महिलाओं को निबंधित करने, कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर एमटीसी सेंटर में भेजने एवं जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए पूरी ईमानदारी से कार्य करने का निर्देश दिया. बैठक में उपायुक्त के द्वारा मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की समीक्षा की गई, जिसमें लक्ष्य के अनरूप लाभुको को लाभ नहीं मिलने पर नाराजगी जतायी गई. लक्ष्य के अनरूप लाभ देने का निर्देश दिया गया. बैठक में सुकन्या योजाना की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि जिले का लक्ष्य 5707 है, जिस पर उपायुक्त के द्वारा लक्ष्य के अनरूप लाभुकों को लाभ देने का निर्देश दिया गया. बैठक में प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना, टीकाकरण समेत अन्य योजनाओं की समीक्षा के बाद लाभुकों को लाभ पहुंचाने को लेकर कार्य करने की बात कही. बैठक के क्रम में उपायुक्त के द्वारा वैसे आंगनबाड़ी केन्द्र जहां सेविका सहायिका का चयन नहीं हुआ है वहां प्राथमिकता के साथ चयन करने का निर्देश दिया. उन्हों ने निर्देश दिया कि सरकार के द्वारा सेविका एवं सहायिका चयन को लेकर नियमावली बनायी गयी है, उसी के आधार पर चयन करें.
बैठक में बाल संरक्षण के तहत किए जा रहे कार्य की जानकारी ली. जिसमें बताया गया कि जनवरी माह में कुल 12 मामले आए थे, जिसमें आठ मामले का निष्पादन कर लिया गया है. जिस पर उपायुक्त के द्वारा पदाधिकारियों को पूरी सजगता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया. बैठक के दौरान उपायुक्त ने तेजस्वनी योजना समेत अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की. पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए. मौके पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी रेणु रवि, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी रीना साहू, एडीएफ प्रियंका, मनोज कुमार सिंह, सीडब्यूनिर्सी के सदस्य शकील अख्तर, रमेश कुमार मिस्त्री समेत सभी सीडीपीओ उपस्थित थी.

