रांची: भारत में टाटा स्टील हाउस की ओर से प्रस्तुत ’टाटा टिस्कॉन’ देश का सबसे प्रसिद्ध रिबर ब्रांड है और इसने 2020 में अपनी यात्रा के दो दशक पूरे कर लिए हैं. दिसंबर 2000 में लॉन्च किया गया ‘टाटा टिस्कॉन’ 14 प्रतिशत की बाजार हिस्सेदारी और 7000 करोड़ रुपये के राजस्व के साथ टाटा स्टील के पोर्टफोलियो का सबसे बड़ा बी2सी ब्रांड बन गया है.
संजय एस साहनी, चीफ, मार्केटिंग ऐंड सेल्स, ब्रांडेड प्रोडक्ट्स ऐंड रिटेल, टाटा स्टील ने कहा, “हमें खुशी है कि टाटा टिस्कॉन ने भारत में अपने शानदार 20 वर्ष पूरे किए हैं. टाटा टिस्कॉन ने पिछले दो दशकों में अपनी विभिन्न पहलों के माध्यम से इस श्रेणी में क्रांति ला दी है, जैसे कि बी2सी पोर्टफोलियो में रिबारों को शामिल करना, अंतिम उपयोगकर्ताओं को चुनने की शक्ति देना आदि. यह ऑनलाइन होने वाला पहला रिबार ब्रांड भी है. हमने पूरी सजगता के साथ ग्राहकों को इस श्रेणी के बारे में बताने का प्रयास किया है, ताकि वे घर या इमारत के लिए आधारभूत संरचनाएं खरीदते समय सूचित और समझदारी भरा निर्णय ले सकें. हमें इस सफल यात्रा का हिस्सा बनने पर गर्व है और हम ग्राहकों की संतुष्टि के लिए एवं उन्हें बेहतर उत्पाद देने का अपना प्रयास जारी रखेंगे.”
टाटा टिस्कॉन रिबार स्टील से बना है ये स्टील वर्जिन आयरन ओर से बने हैं. इसलिए ये अशुद्धियों से मुक्त हैं. इसके अलावा, निर्माण के दौरान बीच की प्रक्रियाओं का सर्वश्रेष्ठ उपयोग कर स्टील को शुद्ध किया जाता है. कम अशुद्धता के कारण उत्पाद को पूरी लंबाई में समान गुण प्राप्त होते हैं. ग्राहक को शिक्षित करने और उनकी बढ़ती जरूरतों को पूरी करने के लिए ब्रांड ने कई अभियान चलाए हैं. 2005-06 में, “अटूट जोड“ अभियान के बाद 2012 और 2017 में क्रमशः “जॉय ऑफ बिल्डिंग“ और “एसडी मैन“ अभियान ब्रांड के सबसे सफल अभियान थे.

