जमशेदपुरः हाईकोर्ट के निर्देश पर कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर गंगाधर पंडा भी वीडियो कांफ्रेंसिंग में जुड़े. इस वीडियो कांफ्रेंसिंग में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों के बकाया भत्ता तथा लंबित मामलों पर चर्चा हुई. इसमें कुलपतियों की ओर से बताया गया कि वित्त विभाग के निर्णय के अनुसार शिक्षकों को पांच लाख से अधिक की राशि एरियर के रूप में नहीं दी जानी है. इस कारण उन्हें प्रथम किस्त का भुगतान किया गया.
दूसरी किस्त का भुगतान 15 दिनों के अंदर करने का निर्देश हाईकोर्ट की ओर से दिया गया. कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर गंगाधर पंडा की ओर से हाईकोर्ट को आश्वस्त किया गया कि निर्धारित समय के अंदर शिक्षकों एवं कर्मियों की अब तक के एरियर की राशि का भुगतान कर दिया जाएगा. इस वीडियों कांफ्रेंसिंग में लंबित मामलों के निस्तारन के लिए एक दो सदस्यीय टीम का गठन किया गया है. इस टीम में उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के निदेशक एवं संबंधित कुलसचिव को शामिल किया गया. हाईकोर्ट ने उच्च शिक्षा विभाग के लंबित मामलों को त्वरित निष्पादन कर नियमानुसार सूचित करने का निर्देश भी दिया है.
झारखंड विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष रमेश चंद्र ठाकुर, प्रांतीय संयुक्त सचिव एसएन पांडेय एवं प्रक्षेत्रीय सचिव विश्वंभर यादव, प्रवक्ता चंदन कुमार आदि ने कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र भेजा है. इस पत्र में पांचवें वेतनमान का बकाया एरियर देने की मांग की है. कर्मचारियों को 01-01-1996 से 13-11-2000 तक का एरियर नहीं मिला. अगर यह मिल जाता है तो प्रत्येक कर्मचारी को न्यूनतम तीन-तीन लाख रुपए मिलेंगे. इधर, सातवें वेतनमान के रूप में अग्रिम के रूप में कोल्हान विश्वविद्यालय ने कर्मचारियों को 50 व 75 हजार रुपए का भुगतान कर दिया है.

