बिहार: बेतिया पश्चिम चम्पारण जिला अन्तर्गत नरकटियागंज अनुमंडल क्षेत्र के प्राईवेट कोचिंग एंड टयूशन टीचर्स एसोसिएशन, नरकटियागंज के अध्यक्ष अतुल कुमार के नेतृत्व में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर लॉकडाउन के कारण चार महीने से कोचिंग, ट्यूशन बंद होने के कारण आर्थिक स्थिति से त्रस्त होकर प्राईवेट शिक्षकों ने शहर के विभिन्न चौक चौराहे, गली-मुहल्ले और बाजार में भिक्षाटन किया. जिसकी शुरुआत नागेंद्र तिवारी चौक, शिवगंज से किया गया.
अध्यक्ष अतुल कुमार ने बताया कि चार महीने से लॉकडाउन के कारण कोचिंग संस्थान बंदी होने से प्राईवेट शिक्षकों की आर्थिक स्थिति बहुत दयनीय हो गई है और कमर टूट गई है और भूखमरी की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी.
गुरु पूर्णिमा के दिन आज हम सभी शिक्षकों ने सरकार के लॉकडाउन के नियमानुसार भिक्षाटन करके दो वक्त की रोटी का उपाय किया है. ऐसी बुरी स्थिति आजतक नहीं हुई थी.
सरकार हम सभी शिक्षकों को भी कोई ना कोई गाइडलाइन या आर्थिक स्थिति से मदद करे अन्यथा हमलोग रोड पर आ जाएंगे. शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माता है और शिक्षकों को ईश्वर से भी ऊपर का दर्जा दिया गया है, लेकिन सरकार हमलोगों के प्रति बिल्कुल गंभीर नहीं है. इसपर पहल करने की आवश्यकता है.
उपाध्यक्ष अजित तिवारी ने बताया कि हम सभी शिक्षकबंधु आर्थिक और मानसिक रूप से तनाव ग्रस्त हो गए है. सम सभी शिक्षकबंधु ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासन, नगर सभापति और बिहार के मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री, प्रधान सचिव, प्रधनमंत्री सभी जगह-जगह आग्रह के साथ आवेदन दिया गया है, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं.
आखिर प्राईवेट शिक्षक कहां और किसके पास जाए. सैकड़ों शिक्षकों को आर्थिक स्थिति का डर सताने लगा है कि आगे क्या होगा. प्रवासी मजदूर से ही बुरी स्थिति हो गई है.
संयोजक विजय कुमार ने बताया कि सरकार सशर्त यदि माध्यमिक स्तरों के छात्रों को भी सेनिटाइजर, थर्मल पावर स्क्रैनिंग थर्मामीटर, साबुन, मास्क, सामाजिक दूरी और एक बेंच पर दो, और बैचों के साथ दूरी बनाकर चलाने के लिए आदेश मिलता है तो सैकड़ों शिक्षकों को दो वक्त की रोटी नसीब होगी या सरकार आर्थिक सहायता ही देकर जीवना यापन का प्रबंध करें.

