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इतिहासकार रोमिला थापर से बायोडाटा मांगने पर शिक्षक संघ नाराज

by bnnbharat.com
September 2, 2019
in Uncategorized
इतिहासकार रोमिला थापर से बायोडाटा मांगने पर शिक्षक संघ नाराज

Teacher's union angry over JNU asking biodata from historian Romila Thapar

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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इतिहासकार रोमिला थापर को भेजे गए पत्र से कैंपस का माहौल गरमा गया है. जेएनयू शिक्षक संघ ने पत्र को राजनीति से प्रेरित और अपमानित करने वाला बताया है.

शिक्षक संघ का कहना है कि जेएनयू प्रशासन को रोमिला थापर से माफी मांगनी चाहिए. एमेरिटस प्रोफेसर के लिए रोमिला थापर का मनोनयन सम्मान की पदवी है. यह उन्हें जेएनयू में जीवनभर दी गई सेवाओं के लिए दिया गया है.

दरअसल प्रशासन ने बीते दिनों रोमिला थापर को एक पत्र लिखकर उन्हें अपना सीवी जमा कराने के लिए कहा है. रजिस्ट्रार प्रमोद कुमार की ओर से यह पत्र भेजा गया है. कहा जा रहा है कि प्रशासन थापर की सेवाओं को जारी रखने के लिए उनके कार्यों का मूल्यांकन करेगा.

इसके लिए एक समिति बनाने का फैसला किया है. समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही उनकी सेवाओं को जारी रखने पर फैसला लिया जाएगा. थापर वर्ष 1993 से जेएनयू में बतौर एमेरिटस प्रोफेसर सेवाएं दे रही हैं। इससे पहले वह जेएनयू में प्रोफेसर रही हैं.

उल्लेखनीय है कि एमेरिटस प्रोफेसर के लिए किसी सेवानिवृत्त प्रसिद्ध व्यक्ति के नाम की कार्यकारी परिषद और एकेडमिक काउंसिल से मंजूरी ली जाती है. उसके बाद ही उसे एमेरिटस प्रोफेसर के तौर पर मनोनीत किया जाता है.

उन्हें प्रशासन की ओर से कोई वित्तीय लाभ नहीं मिलता. इस पूरे मामले पर प्रशासन का तर्क है कि यह मूल्यांकन प्रक्रिया जेएनयू अधिनियमों के अनुसार ही है.

प्रशासन ने यह बयान भी जारी किया है कि अधिनियमों के अनुसार यदि कोई एमेरिटस प्रोफेसर 75 वर्ष की आयु पूरी कर लेता है, तो उसके काम के मूल्यांकन का अधिकार प्रशासन के पास है. इसी प्रक्रिया के तहत रोमिला थापर से सीवी मांगा गया है.

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