रांची : दुमका ।झारखंड में दुमका जिले के पोर्ट ब्लेयर अंडमान निकोबार द्वीप समूह में लाक डाउन की वजह फंसे 97 प्रवासी श्रमिक शुक्रवार की सुबह अपने गृह जिले में पहुंचे तो उनकी आंखों से अपार खुशी के आंसू छलक उठे। दुमका जिले के 97 मजदूर लम्बे समय से लाक डाउन की वजह से पोर्ट ब्लेयर अंडमान निकोबार द्वीप समूह में फंसे थे और राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार से घर वापसी की गुहार लगा रहे थे। इस गुहार पर राज्य सरकार की पहल पर फंसे सभी प्रवासी मजदूर विशेष विमान से रांची पहुंचे। इसके बाद जिला प्रशासन की पहल पर सभी 97 श्रमिक बस के माध्यम से दुमका पहुँचे। इसमें 94 मजदूर दुमका जिला के रहने वाले थे तथा पश्चिम बंगाल के दिनाजपुर के 2 और पाकुड़ जिला के रहने वाले एक मजदूर शामिल थे। रांची से बस दुमका पहुंचे प्रवासी मजदूरों का आउटडोर स्टेडियम में स्वास्थ्य की जांच कराने के बाद 14 दिन के लिए क्वारेंटाइन सेंटर में भेज दिया गया। इन 94 मजदूरों में काठीकुंड के 1,शिकारीपाड़ा प्रखंड के 2,रानेश्वर प्रखंड के 12,जामा प्रखंड के 29 तथा मसलिया प्रखंड के 50 मजदूर शामिल थे। अंडमान निकोबार द्वीप समूह से पहुंचे मजदूरों ने अपनी मातृभूमि को नमन किया और राहत की सांस लेते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

