राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव ने बेहद विवादित बयान दिया है. तेजस्वी यादव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘हम भाइयों की जोड़ी पर कई सवाल उठाए गए. हम दोनों के बीच जो आएगा, उस पर चक्र चलेगा. हम दोनों भाइयों को लेकर जो बोलेगा, उसको हम चीर देंगे.’ तेजप्रताप ने कहा कि बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव काम में व्यस्त हैं, इसलिए हमको यहां पर भेजे हैं.
इस दौरान तेजप्रताप ने
अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को छुड़ाने की बात कही. उन्होंने कहा कि खून का एक-एक कतरा लगाना है और लालू प्रसाद यादव को जेल से छुड़ाना है. इस बीच तेजप्रताप यादव महिला कार्यकर्ताओं पर मेहरबान दिखे. उन्होंने महिला कार्यकर्ताओं की कतार के सामने पुरुष कार्यकर्ताओं के आने पर खासी नाराजगी जताई. उन्होंने पुरुष कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे महिला कार्यकर्ताओं के सामने से हठ जाएं.
उन्होंने कहा, ‘अगर पुरुष कार्यकर्ता महिला कार्यकर्ताओं के आगे खड़े होंगे तो वो हमको कैसे देख पाएंगी. ऐसे में महिलाएं आगे कैसे बढ़ेंगी. आरजेडी में महिलाओं को आगे बढ़ना है. हमारे पिता लालू प्रसाद यादव भी महिलाओं को हमेशा आगे की पंक्ति में बैठाते थे. हम भी महिलाओं को आगे की पंक्ति में बैठाएंगे. हम सदन में सरकार की बोलती और हेकड़ी दोनों बंद कर देंगे.’ तेजस्वी यादव के खिलाफ बयानबाजी से भड़के तेजप्रताप ने कहा, ‘मेरे भाई तेजस्वी यादव पर भागने का आरोप लगाया गया है, जो सरासर गलते हैं.’
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इससे पहले तेजप्रताप यादव ने मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से हो हुई बच्चों की मौत को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि नीतीश बाबू हम राजनीति बाद में कर लेंगे अभी इन मासूमों की जिंदगी ज्यादा जरूरी है. कुछ भी कीजिए इन बच्चों को बचा लीजिए. बिहार में इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम’ से 100 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है. तेजप्रताप यादव ने ट्वीट किया था: “सुशासन बाबू, माना कि ये 5-10 वर्ष के मासूम बच्चे किसी दल के वोटर नहीं हैं लेकिन क्या इन सैकड़ो मासूमों की जान आपके सुशासन की जिम्मेदारी नहीं हैं? नीतीश बाबू हम राजनीति बाद में कर लेंगे अभी इन मासूमों की जिंदगी ज्यादा जरूरी है. कुछ भी कीजिए इन बच्चों को बचा लीजिए.”
Posted By:- Beena Rai

