रांची: झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डाॅ0 रामेश्वर उरांव के नेतृत्व में राहत निगरानी समिति की कंट्रोल रूम में बैठक हुई. कंट्रोल रूम के माध्यम से समिति ने आम जन-समस्याओं का समाधान भी किया. कंट्रोल रूम में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, राहत निगरानी समिति के सदस्य प्रदीप तुलस्यान, आलोक कुमार दूबे, डाॅ0 राजेश गुप्ता छोटू, लाल किशोरनाथ शाहदेव मुख्य रूप से उपस्थित थे.
कर्नाटक और तेलंगाना सरकार द्वारा एक प्रश्न के जवाब में डाॅ0 उरांव ने कहा कि झारखण्ड के प्रवासी मजदूरों को झारखण्ड लाने के लिए दोनों प्रदेशों से नई ट्रेने चलाने की सहमति देते हुए अनुरोध किया है.
डाॅ0 उरांव ने मुख्य सचिव से बात की, तो उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कर्नाटक और तेलंगाना से झारखण्ड के लिए नई ट्रेने प्रवासी मजदूरों को लाने के लिए सहमति दे दी है.
डाॅ0 उरांव ने एक बार फिर कहा है कि राज्य की वित्तीय स्थिति अच्छी नहीं है. लाॅकडाउन की वजह से राजस्व कलेक्शन नहीं के बराबर है. झारखण्ड जैसे पिछड़े, कमजोर, आदिवासी, शोषित बाहुल्य प्रदेश में केन्द्र सरकार को उदारता पूर्वक विशेष पैकज देना चाहिए ताकि हम अपने बाहर से आ रहे मजदूरों को सहायता प्रदान कर सके.
प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कहा कि झारखण्ड के अन्दर फंसे मजदूरों को एक जिले से दूसरे जिले में घर पहुंचाने के लिए बनी कमिटी मदन मोहन शर्मा के नेतृत्व में कार्य करना प्रारम्भ कर दिया है.
वहीं दूसरी तरफ बाहर फंसे हुए मजदूरों का विस्तृत ब्यौरा लगातार इकट्ठा किया जा रहा है. प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डाॅ0 रामेश्वर उरांव के नेतृत्व में राहत निगरानी समिति ने यह भी फैसला लिया है कि राज्य में आनेवाले प्रमुख स्टेशनों पर प्रवासी मजदूरों की आगवानी एवं सहायता के लिए कांग्रेसजन सामाजिक दूरी बनाते हुए खड़े रहेंगे.
प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता ने बताया कि लोगों की शिकायत है कि बिजली का बिल अनाप-शनाप भेजा जा रहा है जिसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से बात करके दूर की जायेगी.
प्रदेश प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कहा कि निजी विद्यालयों के प्रति बाबूलाल मरांडी की चिन्ता मात्र ढ़कोसला है. उनके शासनकाल के समय से ही झारखण्ड में शिक्षा जगत का नुकसान होना प्रारंभ हुआ, जो निरंतर जारी है.

