शशि भूषण दूबे कंचनीय,
लखनऊ: कोरोना काल में सरकार की ओर से लगाए गए कई प्रतिबन्धों को लगभग अब पूरी तरह से खोल दिया गया है. लेकिन कहीं कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जिसपर प्रतिबन्ध लगा है और उस क्षेत्र में काम कर अपना और अपने परिवार का जीवन यापन करने वाले व्यापारी सरकार की ओर टकटकी लगाए देख रहें है कि उस पर प्रतिबन्ध हटे तो उनके व्यापार पर लगा ग्रहण भी हटे.
हम बात कर रहें हैं नगर में वैवाहिक कार्यक्रमों में अपना योगदान करने वालों की जिसमें टेन्ट हाउस, लाइट हाउस, गेस्ट हाउस, डेकोरशन व अन्य व्यापारी शामिल हैं. कोरोना काल के चलते सरकार ने शादी व अन्य मांगलिक कार्यक्रमों में 30 लोगों से अधिक लोगों की मौजूदगी पर रोक लगा दी थी.
नगर में टेन्ट व गेस्ट हाउस मालिकों सब के पास मजदूरों से लेकर कर्मचारी तक की लगभग संख्या प्रति वयापारी सौ के आसपास होगी. मार्च से लेकर अब तक सभी के पास एक भी काम नहीं है और सभी को अपने कर्मचारियों को सैलरी देने का दबाव भी है और वह देने के लिए विवश भी हैं.
अभी हाल ही में सरकार ने गेस्ट हाउस में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में शामिल होने वाले लोगों की संख्याा को तीन गुना तक बढा दिया है. कानपुर नगर टेन्ट हाउस ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बलबीर सिंह के मुताबिक शहर में लगभग 5 से 6 हजार सचांलक हैं, लेकिन काम न होने के चलते सब को अपने कर्मचारियों को सैलरी देनी पड़ रही है.
मार्च से लेकर अब तक सभी को लगभग 5 लाख रुपए का नुकसान हो चुका है. लेकिन सभी टेन्ट हाउस संचालकों की ये मांग है कि शामिल होने वाले लोगों की संख्या 400 लेकर 500 की वृद्धि करें जिससे उनके कार्य में बाधा न आ पाए और उनकी आय में भी वृद्धि हो.
अभी हाल ही इन व्यापार में शामिल लोगों ने प्रदेश सरकार को ज्ञापन सौंप मांग की है लेकिन उस पर सुनवाई न होने से व्यापारियों में रोष व्याप्त है. व्यापारियों की मांग है कि सरकार जब सभी प्रतिबन्घ का निर्णय ले चुकी है तो इस पर ही संख्या बल का प्रतिबन्ध क्यों है. टेन्ट व गेस्ट हाउस के साथ ही डेकोरशन व डीजे वाले अब अपनी दुकानों पर बैनर लगाकर सरकार की ओर ध्यान आकृष्ट करा रहें हैं.

