विधानसभा अध्यक्ष न्यायाधिकरण में भाजपा द्वारा तीसरा याचिका दर्ज
रांची: विधानसभा अध्यक्ष के न्यायधिकरण में विधायक प्रदीप यादव और बंधु तिर्की के खिलाफ 10वीं अनुसूची के तहत दल बदल मामले में तीसरा याचिका दाखिल किया गया. यह याचिका भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता सरोज सिंह ने दाखिल किया है. जबकि इससे पहले पहला याचिका भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष बिनोद शर्मा और दूसरा याचिका कांके के विधायक समरी लाल ने भी विधानसभा अध्यक्ष के न्यायधिकरण में दर्ज करवा चुके हैं.
प्रवक्ता सरोज सिंह ने विधायक प्रदीप यादव और बंधु तिर्की के खिलाफ दल बदल कानून का उलंघन करने का आरोप लगाते हुए सदस्यता समाप्त करने का अपील किया है. विधानसभा अध्यक्ष से आग्रह किया है कि प्रदीप यादव और बंधु तिर्की ने दसवीं अनुसूची का उल्लंघन किया है. जो कि दल बदल का मामला में आता है. इस कारण उनकी सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाए.
उन्होंने कहा है कि 2019 विधानसभा चुनाव में प्रदीप यादव, पोरैयाहट विधानसभा से और बंधु तिर्की मांडर विधानसभा के लिए झारखंड विकास मोर्चा के उम्मीदवार के तौर पर विधायक निर्वाचित हुए थे. विधायक निर्वाचित होने के बाद से ही बंधु तिर्की और प्रदीप यादव दोनों ही पार्टी विरोधी गतिविधि में शामिल रहें. इसके आलोक में जेवीएम ने कारण बताओ नोटिस जारी किया. समय सीमा समाप्त होने के बाद झारखंड विकास मोर्चा ने केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक में विधायक प्रदीप यादव और बंधु तिर्की को प्राथमिक सदस्यता से बर्खास्त कर दिया. दोनों की बर्खास्तगी की सूचना विधानसभा अध्यक्ष और चुनाव आयोग को दी गई.
उन्होंने कहा कि झाविमो की कार्यसमिति की बैठक में सर्वसम्मति से भारतीय जनता पार्टी में विलय करने का फैसला लिया गया. विलय की सूचना भी भारत निर्वाचन आयोग को दी गई. इसके आधार पर भारत निर्वाचन आयोग ने इस विलय को स्वीकार किया.
जेवीएम के विलय को देखते हुए भारत निर्वाचन आयोग ने बाबूलाल मरांडी, विधायक (धनवार) को भाजपा के विधायक के तौर पर बंधु तिर्की और प्रदीप यादव को निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मान्यता दी. इसके बाद बंधु तिर्की, प्रदीप यादव ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्यता को ग्रहण किया जो कि सीधा दसवीं अनुसूची को प्रभावित करता है. मामले में प्रदीप यादव, बंधु तिर्की को तत्काल प्रभाव से उनकी सदस्यता को अयोग्य घोषित कर उनकी सदस्यता रद्द करने की अपील किया है.

