नई दिल्लीःभारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर 10वें दौर की कमांडर स्तर की बैठक 16 घंटे तक चली. मोल्डो में हुई यह बैठक 21 फरवरी को रात दो बजे खत्म हुई. दोनों देशों के कोर कमांडर्स ने पहले चरण के विघटन (डिसइंगेजमेंट) पर संतोष जताया. दूसरे चरण के लिए पूर्वी लद्दाख से सटी एलएसी के डेपसांग प्लेन, गोगरा और हॉट स्प्रिंग में दोनों देशों की सेनाओं के पीछे हटाने पर बातचीत हुई. हालांकि दोनों देशों की ओर से इस बातचीत के नतीजे पर कोई जानकारी नहीं दी गई है.
भारत ने वार्ता के दौरान सीमाओं पर तनाव कम करने के लिए हॉट स्प्रिंग्स, गोगरा और देपसांग जैसे क्षेत्रों से भी सैन्य वापसी पर जोर दिया. कोर कमांडर लेवल की इस बैठक को पहले चरण के डिसइंगेजमेंट के पूरा होने के बाद शुरू होना था. पहले चरण में पैंगोग से दोनों देशों की सेनाएं अपने-अपने पोस्ट पर लौट गई हैं. दोनों तरफ से डिसइंगेजमेंट की वीडियो ग्राफी भी की गई है. गौरतलब है कि भारत और चीन के बीच सीमा पर गतिरोध पिछले 9 महीने से जारी है. दोनों देशों के बीच इसे लेकर कई दौर की बैठक हो चुकी है. पैंगोंग झील क्षेत्र से सैन्य वापसी की प्रक्रिया 10 फरवरी को शुरू हुई थी जो पिछले गुरुवार को पूरी हो गई थी. जून में हुई हिंसक झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे. चीन के तरफ से भी कई जवान मारे गए थे.
बता दें कि नौवें दौर की सैन्य वार्ता में भारत ने विशेषकर पैंगोंग झील के उत्तरी क्षेत्र में फिंगर 4 से फिंगर 8 तक के क्षेत्रों से चीनी सैनिकों की वापसी पर जोर दिया था. वहीं, चीन ने पैंगोंग झील के दक्षिणी छोर पर सामरिक महत्व की चोटियों से भारतीय सैनिकों की वापसी पर जोर दिया था. समझौते के बाद दोनों पक्षों ने पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी छोर क्षेत्रों से अपने-अपने सैनिकों को वापस बुला लिया है. अस्त्र-शस्त्रों, अन्य सैन्य उपकरणों, बंकरों और अन्य निर्माण को भी हटा लिया है.
10वें दौर की वार्ता में चर्चा का मुख्य बिंदु अन्य इलाकों से भी वापसी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का था. दोनों पक्षों ने इसके लिए तौर-तरीकों पर चर्चा की पैंगोंग झील क्षेत्र से सैन्य वापसी की प्रक्रिया 10 फरवरी को शुरू हुई थी जो गत गुरुवार को पूरी हो गई थी.

