रांची: आम आदमी पार्टी ने झारखंड में फंसे नागरिकों के भोजन हेतु मात्र 10 रुपये के प्रावधान को जनविरोधी बताया है. आप के प्रदेश सचिव राजन कुमार सिंह ने राज्य के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह के नाम पत्र में इस पर पुनर्विचार का अनुरोध किया है.
पत्र के अनुसार, राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए लॉकडाउन के आलोक में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तीन मई को राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक हुई. इसके निर्णय संख्या तीन के अनुसार राज्य के अंदर फंसे हुए तथा बाहर से आए मजदूरों, विद्यार्थियों पर्यटकों तथा अन्य लोगों के लिए प्रतिदिन भोजन हेतु अधिकतम मात्र ₹10 का प्रावधान किया गया है.
आम आदमी पार्टी के अनुसार, पूरे दिन के भोजन के लिए मात्र ₹10 प्रतिदिन का प्रावधान न सिर्फ हास्यास्पद बल्कि अपमानजनक, अमानवीय और जनविरोधी भी है. इससे ऐसा लगता है कि अधिकारियों को जमीनी वास्तविकता की जानकारी नहीं.
आम आदमी पार्टी के पत्र के अनुसार हाल के दिनों में राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नागरिकों के लिए कई घोषणाएं की, इसके बावजूद ऐसा असंवेदनशील निर्णय बेहद चिंताजनक है.
आम आदमी पार्टी की ओर से राजन कुमार सिंह ने अनुरोध किया है कि इस राशि पर तत्काल पुनर्विचार करके राज्य के अंदर फंसे हुए लोगों के लिए और बाहर से आये हुए या लाये जा रहे लोगों के लिए भर पेट पौष्टिक भोजन हेतु सम्मान जनक राशि स्वीकृत कर निर्गत किया जाए.

