रांची:- स्वतंत्रता के 75 वर्ष का समारोह पूरे देश में ’आजादी का अमृत महोत्सव’ के रूप में मनाया जा रहा है. झारखंड में इस क्रम में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार के प्रादेशिक लोक संपर्क ब्यूरो, रांची द्वारा खूंटी जिला प्रशासन के सहयोग से पांच दिवसीय चित्र प्रदर्शनी का आयोजन 12 से 16 मार्च 2021 तक भगवान बिरसा मुंडा की धरती खूंटी में हुआ, जिसका आज शाम समापन समारोह संपन्न हुआ .
इस समापन समारोह में खूंटी जिला के उपायुक्तत शशि रंजन के साथ प्रादेशिक लोक संपर्क ब्यूरो रांची के अपर महानिदेशक अरिमर्दन सिंह सम्मिलित हुए. जिला के स्कूली बच्चों, अभिभावकों एवं एन.सी.सी के कैडेट्स आज के समापन समारोह के हिस्सा बने.
अपने संबोधन में उपायुक्त ने इस तरह के आयोजन को जिलावासियों के लिए अच्छे अवसर के रूप में देखा. उन्होंने कहा कि खूंटी की धरती वीरों की धरती है, यहां के वीर सपूतों ने अंग्रेजों से स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी. अनगिनत शहीद भी हुए लेकिन अपनी धरती को गुलाम नहीं होने दिया.
अपर महानिदेशक अरिमर्दन सिंह ने कहा कि बच्चों को अपने स्वतंत्रता सेनानियों से सीख लेनी चाहिए कि कैसे हमें अपना लक्ष्य निर्धारण करना है और इसके लिए करो या मरो का संकल्प सिद्घ करना है, तभी सफलता मिलती है.
उपायुक्त और ए.डी.जी ने प्रदर्शनी के दौरान आए स्कूली बच्चों में से करीब 90 को जो क्विज एवं पेंटिंग कॉम्पटीशन में अव्वल रहे उन्हें पुरस्कृत भी किया,बाकी प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया. इस अवसर पर बच्चों के अभिभावक भी उत्साह वर्धन के लिए शामिल हुए. आज के पूर्वाह्न सत्र में एनसीसी कैडेट्स के लिए प्रदर्शनी स्थल टाउन हॉल में शहीदों की याद में गीत एवं क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. इसके विजेताओं को भी मुख्य अतिथि ने पुरस्कृत किया.
ज्ञात हो कि इस प्रदर्शनी में झारखंड के वीर सपूतों जैसे धरती आबा बिरसा मुंडा, गया मुंडा, सिधो कान्हो, शेख भिखारी जैसे शूरवीरों से जुड़े चित्रों और घटनाओं को दर्शाया गया है जिससे लोगों को उनके त्याग और बलिदान की शौर्य गाथाएं मालूम पड़ रही हैं.
प्रदर्शनी में 60 से अधिक चित्र कथाओं द्वारा महात्मा गांधी, सरदार पटेल एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जीवन गाथाओं को विस्तार से दर्शाया गया है, जो लोगो के बीच खासा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. इस प्रदर्शनी का उद्घाटन राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने 12 मार्च को किया था.
75 हफ्तों तक चलने वाले इस भव्य देशव्यापी महोत्सव की शुरुआत 12 मार्च को प्रधानमंत्री द्वारा साबरमती आश्रम से दांडी मार्च करने वाले एक जत्थे को हरी झंडी दिखा कर की गई और देश के विभिन्न स्थानों पर स्वतंत्रता सेनानियों की याद में कार्यक्रम किए जा रहे है.
