जामताड़ा: साइबर अपराध का आकर्षण इस कदर बढ़ रहा है कि विदेश में रहने वाले भी प्रभावित हो जा रहे हैं. वे विदेश से अपने गांव-घर आने पर इसी धंधे में रम जा रहे हैं. जामताड़ा पुलिस ने सात ऐसे साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है जो लॉकडाउन से पहले देश-विदेश के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर अच्छा-खासा कमाते थे. लॉकडाउन में जामताड़ा लाैटे तो यहां का स्वरोजगार-साइबर अपराध से प्रभावित हो गए. वापस अपने पहले वाले कार्यस्थल पर जाने की चिंता छोड़ साइबर अपराध में ही रम गए.
दक्षिण अफ्रिका के पत्थर खदान में काम करता था सलीम
करमाटांड़ थाना क्षेत्र के रिंगोचिंगो गांव में मंगलवार को साइबर थाना के इंस्पेक्टर सुनील चौधरी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने छापेमारी की. इस दौरान सात साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है. हैरतअंगेज बात ये कि ये सभी प्रवासी मजदूर थे. लॉकडाउन में जब वापस लौट आए तो ठगी करने लगे. पकड़े गए आरोपितों में से एक कक्षा चार पास सलीम अंसारी दक्षिण अफ्रीका से लौट कर आया है. वह वहां पत्थर उद्योग में मजदूरी करता था. यहां बैंक खाताधारकों को झांसा देकर ऑनलाइन ठगी कर रहा था. इनके पास से 12 मोबाइल व 21 सिम बरामद हुए हैं. सलीम ने पुलिस को बताया कि उसे दक्षिण अफ्रिका से अच्छा जामताड़ा का साइबर अपराध का काम लगा. सभी ने एसपी के सामने स्वीकार किया अपराध
49 वर्षीय सलीम के साथ उसके पुत्र 23 साल के दिलशाद अंसारी व 19 साल के सज्जाद अंसारी को पकड़ा गया है. सलीम के भाई याकूब के दो पुत्र 30 साल के अब्दुल व 25 साल के शराफत भी पकड़े गए हैं. इनके अलावा गांव के ही 29 साल के गुलाम कादिर व 24 साल के मजीद अंसारी को पकड़ा गया. सलीम व अब्दुल ने मुंबई व केरल में भी काम किया है. अन्य पांच साइबर आरोपित मुंबई में काम करते थे. एसपी दीपक कुमार सिन्हा के सामने सभी ने स्वीकार किया कि अप्रैल में ही गांव लौटे थे. सलीम के पकड़े गए पुत्र व भतीजों से यह स्पष्ट हो गया है कि वह स्वजनों क साथ मिलकर ठगी को अंजाम दे रहा था.
साइबर ठगी के सीखे अपराधियों से गुर
आरोपितों के अनुसार ठगी से आसानी से राशि मिलने लगी, इसलिए इसमें लिप्त होते गए. गांव के आसपास के अपराधियों से ऑनलाइन ठगी के गुर सीखे. मोहम्मद सलीम चौथी, गुलाम कादिर छठी, दिलशाद 12वीं, सज्जाद दसवीं, शराफत दसवीं तक पढ़ा है. अन्य आरोपित नॉन मैट्रिक हैं. सलीम ने पुलिस को बताया कि वह अब तक एक बार में 25000 रुपये तक खाते से उड़ा चुका है. एक ने 3500, एक अन्य ने 12,000 तो किसी ने अधिकतम एक बार में 15,000 रुपये उड़ाने की बात मानी.
लॉकडाउन में केरल, मुंबई व साउथ अफ्रीका से अपने घर करमाटांड़ आकर सात प्रवासी कामगार साइबर ठगी करने लगे थे. सबको रिंगोचिंगो गांव से गिरफ्तार किया गया. सलीम दक्षिण अफ्रीका से आया था. एटीएम कार्ड ब्लॉक होने, केवाइसी अपडेट कराने का झांसा देकर गोपनीय नंबर लेते थे और राशि उड़ाते थे.
-दीपक सिन्हा, एसपी, जामताड़ा

