रांची: मसीही विश्वासियों ने गुड फ्राइडे के अवसर पर प्रभु यीशु मसीह को क़़ूसित (क़ूस पर चढ़ाये जाने) और इसके द्वारा मनुष्यों के उद्धार की घटना को स्मरण किया. कोरोना वायरस की वजह से रांची के सभी गिरजाघर बंद थे पर विभिन्न चर्च के द्वारा ऑनलाइन आराधना कार्यक्रम आयोजित किए गये.
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इन कार्यक्रमों में हजारों मसीही विश्वासी घर बैठे ऑनलाइन प्रार्थना में शामिल हुए. सीएनआई छोटानागपुर डायसिस के बिशप बीबी बास्के ने इस अवसर पर अपने उपदेश में कहा कि आज से 2000 वर्ष पूर्व प्रभु यीशु को क्रूस पर टांगा गया.
उन्होंने अपने पीड़ादायक क्रूस मृत्यु से पूर्व 7 वाणियों का उच्चारण किया. ये वाणी ना सिर्फ आत्मिक और आध्यात्मिक चंगाई प्रदान करते हैं बल्कि मनुष्यों की सारी आवश्यकताओं की पूर्ति करने में सक्षम है. यीशु ने अपने क्रूस मृत्यु से मनुष्यों के पाप को अपने ऊपर लिया साथ ही उनके उद्धार का मार्ग भी प्रशस्त किया.

