अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब, नम आंखों से लोगों ने दी विदाई
रांची/पालघर: झारखंड के पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के पूर्वाडीह गांव निवासी नौसैनिक सूरज कुमार दूबे का पार्थिव शरीर सोमवार को उसके पैतृक गांव में कोयल नदी के तट पर पंचतत्व में विलीन हो गया. चेन्नई से अपहरण से अपहरण के बाद महाराष्ट्र के पालघर में जलाकर हत्या की घटना से शोक संतप्त परिजनों, इष्ट-मित्रों और गांव वालों ने नम आंखों से सूरज को अंतिम विदाई दी. इस मौके पर बडी संख्या में स्थानीय लोगों के अलावा सैन्य अधिकारी भी उपस्थित थे.
सूरज दूबे की हत्याकांड मामले में निष्पक्ष जांच के लिए बीजेपी सांसद बीडी राम ने रक्षामंत्री और गृहमंत्री को पत्र लिखा है और मामले की जांच सीबीआई से कराने का आग्रह किया गया है.
वहीं मृतक के परिजनों से मिलने पहुंचे राज्य के पेयजल स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार दूबे ने उम्मीद जतायी है कि महाराष्ट्र पुलिस जल्द ही इस मामले का उद्भेदन करने में सफल होगी.
महाराष्ट्र के पालघर जिले के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 10 अधिकारी और 100 जवान इस इन्वेस्टीगेशन से जुड़े हैं. उन्होंने बताया कि घोलवड पुलिस स्टेशन के अंतर्गत 5 तारीख को एक युवक घायल अवस्था में मिला, जिसके शरीर का 90 फीसदी हिस्सा जल चुका था. इलाज के क्रम में आईएनएस अश्विनी में उनकी मौत हो गयी.
इस मामले में पहले भादवि की धारा 307 और फिर 302 के तहत मामला दर्ज हुआ है. मृतक सूरज की 2019 तक मुम्बई में पोस्टिंग थी, जिसके बाद उनको चेन्नई में पोस्टिंग कर दी गयी. उन्होंने बताया कि 30 को वो रांची से निकले थे और उसी शाम वे चेन्नई एयरपोर्ट पर पहुंचे,जहां तीन अज्ञात लोगों में उन्हें बंदूक के दम पर अगवा कर लिया और 3 दिन चेन्नई में रखा ,जिसके बाद 5 तारीख को उनको पालघर में लाकर जला दिया.
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की गहन छानबीन के लिए अलग अलग टीम बनायी है , जिन्होंने इन्वेस्टीगेशन किया है जिन्होंने परिवार और साथियों से बात की है, जिससे कुछ बात सामने आयी है. 31 तारीख को जब फ़ोन स्विच ऑफ आया तब पिता ने उनके सेंटर पर जानकारी दी. जिसके बाद नेवल पुलिस ने भी छानबीन शुरू की गयी थी. सूरज का एक मोबाइल फ़ोन 31 तारीख को बंद कर दिया गया था , लेकिन इनके पास और एक फ़ोन था जो 1 तारीख की शाम तक चालू था इस फोन की जानकारी किसी को नही थी. 1 तारीख को चेन्नई के एटीएम से पैसा निकाला है. तीसरे सिम कार्ड की जानकारी परिवार को मिली ,तो उनके चचेरे भाई चंदन कुमार दूबे ने फ़ोन किया था वो भी बंद कर दिया. वह इस फ़ोन से ट्रेडिंग करते थे .
2019 से उन्होंने 8 लाख से ज्यादा का कर्ज किया है और कुछ लोगों ने एकाउंट में पैसा भी डिपॉज़िट किया था. सब कुछ होने के बाद उनके एकाउंट में सिर्फ 302 रुपया बचा था. इसके अलावा उनका एक और एकाउंट है, एसबीआई का उस एकाउंट में 5000 रुपए से ज्यादा पैसे थे, जिसे 1 तारीख को चेन्नई में निकाला था.
पुलिस का कहना है कि सूरज ने अधिकांश पैसा स्टॉक और शेयर बाजार में डाला था. उसने अपने एक रिश्तेदार से 5.75 लाख लिया था ,जिसे लौटकर आने के बाद चुकाने का भरोसा दिलाया था. किडनैप होने के बाद यानी 31 तारीख से 1 तारीख के बीच उनके तीसरे मोबाइल फ़ोन से खूब ट्रेडिंग किया है.

