बीजिंग: ताइवान ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के एक नक्सली हमले में 22 भारतीय सुरक्षाकर्मियों की हत्या पर शोक व्यक्त किया और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की. ताइवान के विदेश मंत्रालय ने लिखा छत्तीसगढ़ में हुए हमले में जान और माल के नुकसान पर हमारी गहरी संवेदना. पीड़ितों के परिवारों के लिए प्रार्थना और प्रार्थना, और घायलों को शीघ्र स्वस्थ होने की हार्दिक शुभकामनाएं. ताइवान भारत के साथ खड़ा है और उसकी राष्ट्रीय अखंडता का समर्थन करता है. ताइवान के इस शोक संदेश पर चीन भड़क उठा और धमकियों पर उतर आया है.
चीन को यह मंजूर नहीं है कि ताइवान अन्य देशों के साथ सामान्य शिष्टाचार वाले संदेशों का भी आदान-प्रदान करे. इस बारे में पहले भी चीन सरकार अपनी नाराजगी दिखा चुकी है. पिछले एक हफ्ते में भारत ने ताइवान में रेल दुर्घटना पर और उसके बाद ताइवान ने छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले में मारे गये भारतीय सुरक्षाकर्मियों पर शोक जताया है तो चीन को नागवार गुजरा है. नई दिल्ली स्थित चीनी दूतावास ने एक बयान जारी कर सभी पक्षों को और खास तौर पर मीडिया को यह संदेश देने की कोशिश की है कि एक चीन के सिद्धांत को चुनौती नहीं दी जानी चाहिए. जिस तरह से ताइवान और भारत के विदेश मंत्रालयों के बीच संवाद हुआ है उस पर चीन के दूतावास की टिप्पणी से साफ है कि उसे यह सब रास नहीं आ रहा
चीनी दूतावास ने तो इस बारे में अपना संकेत सीधे भारत सरकार के विदेश मंत्रालय को नहीं बल्कि इस संबंध में मीडिया में छपी समाचारों के माध्यम से देने की कोशिश की है. इसमें कहा गया है, ‘दुनिया में सिर्फ एक ही चीन है. ताइवान चीन का ही एक हिस्सा है और यह एक ऐतिहासिक व कानूनी सच है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी इसे स्वीकार करते हैं. जो देश चीन के साथ कूटनीतिक रिश्ता रखता है, उसे वन चाइना नीति को लेकर प्रतिबद्धता दिखानी होती है और भारत सरकार का भी यही आधिकारिक पक्ष है.
बता दें कि छत्तीसगढ़ के सुकमा-बीजापुर सीमा पर शनिवार को जवानों की एक पार्टी के दौरान नक्सलियों द्वारा जौनगुड़ा गाँव के पास घात लगाकर हमला करने के बाद सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई. छत्तीसगढ़ पुलिस ने बताया कि हमले में कम से कम 22 सुरक्षाकर्मियों की जान चली गई, जबकि 31 लोग घायल हो गए थे.

