ब्यूरो चीफ, टीम
रांची: राजधानी में दुर्गा पूजा की धूम चरमोत्कर्ष पर है. अपर बाजार के भारतीय नवयुवक संघ, रातू रोड के आरआर स्पोर्टिंग क्लब, बांधगाड़ी, कोकर दुर्गा पूजा समिति समेत सभी पंडालों की ओर श्रद्धालु बरबस खींचे चले जा रहे हैं, पर 6 अक्तूबर 2019 को जिला प्रशासन ने कोकर दुर्गा पूजा समिति की तरफ से बनाये गये पंडाल की सीढ़ियों को खतरनाक बताते हुए वैकल्पिक मार्ग बनाने का निर्देश दिया था. बीती रात इसको लेकर पूजा समिति के अध्यक्ष चंचल चटर्जी और अन्य ने सड़क जाम से लेकर लाइटिंग तक बंद करा दी थी. बाद में आधी रात को पूजा पंडाल खोला गया.
क्या कहती है बीएनएन भारत टीम की ग्राउंड जीरो की रिर्पोट
महाअष्टमी के दिन बीएनएन भारत की टीम ने कोकर पूजा पंडाल का जायजा लिया. टीम ने पाया कि सीढ़ियां वाकई में काफी कमजोर और खतरनाक हैं. इससे आनेवाले लोगों को काफी दिक्कतें हो रही हैं और भय का माहौल बना हुआ है. अधिक भीड़ होने पर यहां भयंकर हादसा भी हो सकता है. इन सबके बावजूद पूजा समिति के अध्यक्ष चंचल चटर्जी दावा कर रहे हैं कि कुछ नहीं होगा. हमलोगों ने पहाड़ों की तरह ही केदारनाथ मंदिर की काल्पनिक सड़क बनायी है. यहीं केदारनाथ का दर्शन करा रहे हैं. मां की कृपा से कुछ नहीं होगा. उन्होंने यह भी कहा कि बूढ़े और महिलाएं क्यों चढ़ रही हैं सीढ़ियां, उन्हें जोखिम नहीं लेना चाहिए.
सारी रिस्पांसिबिलिटी मेरीः अध्यक्ष
बीएनएन की टीम ने जब उनसे पूछा कि कोई हादसा होगा, तब. इस पर तपाक से चटर्जी बोले, सारी रिस्पांसिबिलिटी मेरी है. सीढ़ियां मजबूत बनी है. कहीं कोई खतरा नहीं है.
डर-डर के सीढ़ियों से उतर रहे हैं भक्त और श्रद्धालू
कोकर पूजा समिति के पंडाल से उतर रही एक महिला श्रद्धालू ने कहा it’s very dangerous, very risky and unsafe. महिला श्रद्धालु इतने गुस्से में थी, कि बोलते वक्त उनकी जुबान भी लड़खड़ा रही थी. जैसे, तैसे लोग इन सीढ़ियों से अपनी जान-जोखिम में डालते हुए नीचे उतर रहे थे. वहीं बुजूर्ग श्रद्धालुओं के लिए यह सीढ़ी एक मुसिबत साबित हो रही है. जहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है.

