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आने वाले 60 दिन कड़ी मेहनत और तपस्या के हैं : सुदेश कुमार महतो

by bnnbharat.com
October 15, 2019
in समाचार
आने वाले 60 दिन कड़ी मेहनत और तपस्या के हैं : सुदेश कुमार महतो

The coming 60 days are of hard work and austerity: Sudesh Kumar Mahato

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रांची: आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने कहा है कि आने वाला 60 दिन तपस्या का है. कड़ी मेहनत की है. जनसाधारण बनकर ही सही इसे जीत जाइए और राजनीति की परिपाटी बदलने का वाहक बन जाइए. इसके साथ ही दशकों से वोटर भर बने रहने के मिथक तोड़ डालिए. गरीब गुरबों के जीवन में आमूलचूल बदलाव के लिए और लोकतंत्र तथा राजनीति में आम लोगों का विश्वास स्थापित करने के लिए राजनीति को अपने हाथों में लेना होगा. चूल्हा प्रमुख इसकी शुरुआत करें, इसकी मुनादी करने हम सिमरिया पहुंचे हैं.

सिमरिया के कर्बला मैदान में पार्टी के चूल्हा प्रमुखों के सम्मेलन में आजसू अध्यक्ष ने ये बातें कही. इस सम्म्लेन में सिमरिया विधानसभा क्षेत्र के 77 पंचायतों और 419 बूथों से 10 हजार 475 चूल्हा प्रमुखों ने भाग लिया. नई सोच के तहत पार्टी की नीति, विचार और इरादे को घर-घर पहुंचाने के लिए सुदेश कुमार महतो ने हर एक साधारण कार्यकर्ता को चूल्हा प्रमुख की जिम्मेदारी दी है. इनमें महिलाएं भी बड़ी तादाद में शामिल हैं.

सुदेश कुमार महतो ने कहा कि 27 सितंबर को वे यहां बूथ प्रभारियों के सम्मेलन भी इसी समरिया से प्रारंभ किया था. 18 दिनों बाद चूल्हा प्रमुखों के सम्म्लेल में भाग लेने आए हैं और हम यह शिद्दत से महसूस कर रहे हैं कि 18 दिनों में ही हवाएं बदली है और संकल्प के साथ तैयारियां आगे बढ़ती जा रही हैं. आगे हम सात ब्लॉक में जाएंगे. आपने हर परिवार से क्या संबंध बनाया है और जनसाधारण के बीच बैठक कर आपने क्या काम किया है उसे भी परखेंगे.

उन्होंने कहा, ‘‘दस हजार हजार चूल्हा प्रमुख हमारे लिए सबसे अहम कार्यकर्ता होंगे. चूल्हा प्रमुख को शीर्ष कार्यकर्ता के तौर पर गिना जाएगा. हमने तय कर लिया है कि प्राथमिकता उसे देंगे जिस पर जवाबदेही बड़ी है. पार्टी में बड़े पदाधिकारी बार-बार मिलेंगे. लेकिन अब आपके महत्व को हमने बड़ा कर दिया है. आपका आईकार्ड जारी होगा. आज आप साधारण कार्यकर्ता बनकर आए हैं, लेकिन यहां से एक शक्ति लेकर जाएं’’.

उन्होंने कहा कि राजनीति में एक आम आदमी को महज वोटर समझा जाता है. मौजूदा राजनीति में नेतृत्व करना जनसाधारण के लिए नहीं रह गया है. परिपाटी बनी है कि राजनीति में साधन संपन्न और जिसके पास लंबा अनुभव और जो बड़ा नाम वाला हो, वही प्रभावी हो सकता है. लेकिन हम इस धारणा को बदलने की कोशिशों के साथ इसे साधारण व्यवस्था में लाए हैं. चूल्हा प्रमुख यानी आपके माध्यम से विधानसभा क्षेत्र में हर आम लोगों तक पहुंचने और सिमरिया के एक लाख 65 हजार वोटरों के बीच जाने की तैयारी है. एक-एक चूल्हा प्रमुख के उपर 17 वोटरों और चार-पांच चूल्हा का भार रहेगा.

उन्होंने ने कहा जनसाधारण को अब तक ये अनुभव नहीं हो पाया कि शासन प्रशासन में शामिल लोग आपकी सेवा के लिए हैं. आखिर क्यों नहीं हो पाया. शासन का विश्वास आम जनता के बीच स्थापित हो, इस जिम्मेदारी को चूल्हा प्रमुख अपने हाथ में लें.

सुदेश कुमार महतो ने कहा कि ये मुहिम एक-दो दिन के लिए नहीं है. चूल्हा प्रमुखों का मकसद सिर्फ विधायक बनाना नहीं है. आपका काम हर उस परिवार के जीवन में आमूलचूल परिवर्तन लाना है. साधारण परिवार के मत को विश्वास में बदलना है. लोकतंत्र और राजनीति में लोगों का विश्वास हो यह कर दिखाना है. मनोज चंद्रा आपकी अगुवाई कर रहे हैं. तो उनके हाथों को मजबूत कीजिए वे किसी का भी भरोसा नहीं तोड़ेंगे.

सम्मेलन में मनोज चंद्रा, देवशरण भगत, रोशन लाल चौधरी, विकास राणा, नजरूल हसन हाशमी समेत पार्टी के कई पदाधिकारी मौजूद थे.

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