ब्यूरो चीफ
रांची: राजधानी की चार महत्वपूर्ण सड़कों को महानगरों की तर्ज पर विकसित करने का सरकार का काम काफी धीमा चल रहा है. झारखंड शहरी आधारभूत संरचना निगम (जूडको) की देखरेख में यह काम चल रहा है. इससे राजधानी की 20-25 किलोमीटर तक की सड़क सिक्स लेन में परिवर्तित हो जायेगी और जन सुविधाओं का भी विकास होगा. स्मार्ट रोड में से सिर्फ तीन पर ही अब तक काम शुरू हो पाया है. पहले चरण के निर्माण में 486 करोड़ रुपये खर्च होंगे, पर एयरपोर्ट से बिरसा चौक, राजभवन से बिरसा चौक वाया किशोरगंज और राजभवन से कांटाटोली बाया सर्कुलर रोड का ही काम शुरू हो पाया है. राजभवन से बूटी मोड़ तक की सड़क का काम भूमि के अधिग्रहण की वजह से नहीं शूरू हुआ है. जूडको की ओर से स्मार्ट सड़कों के लिए किये गये समझौते में सभी सड़कों का निर्माण फरवरी 2021 तक पूरा हो जाना है. पर जिस रफ्तार से काम हो रहा है, उससे नहीं लगता है कि कोई भी परियोजना समय पर पूरी होगी और हवा-हवाई सपने साकार हो पायेंगे.
क्या-क्या है प्रोजेक्ट में
स्मार्ट सड़क बनने के काम में यह बात अचंभित करनेवाली है कि परियोजना की लागत कुछ और है और समझौते की दर कुछ और. यह सरकार और जूडको के अंदरखाने की बात है. उदाहरण के तौर पर एयरपोर्ट से बिरसा चौक तक की सड़क का प्रोजेक्ट कॉस्ट 101.01 करोड़ है, जबकि कांट्रैक्टर से किये गये एग्रिमेंट की दर 42.52 करोड़ है. कमोबेश यही स्थिति अन्य सड़कों की भी है. सबसे अधिक प्रोजेक्ट कास्ट राजभवन से कांटाटोली तक की है, यानी 633.88 करोड़, पर समझौता सिर्फ 92.99 करोड़ का किया गया है. ऐसे में किस गुणवत्ता के आधार पर काम होगा, यह समझ के परे है. सभी स्मार्ट सड़कों के लिए राज्य सरकार ने 21.1.2019 को संवेदक कंपनी के साथ समझौता किया है. पर समझौते के बाद भी होनेवाला काम धीमा है.
कौन-कौन सी है राजधानी की स्मार्ट सड़क
| प्रोजेक्ट का नाम
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प्रोजेक्ट की लागत | समझौते की राशि |
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| एयरपोर्ट से बिरसा चौक
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101.01 करोड़ | 42.52 करोड़ |
| राजभवन से बिरसा चौक, भाया किशोरगंज | 471.77 करोड़ | 162.25 करोड़ |
| राजभवन से कांटाटोली चौक, भाया सरकुलर रोड | 633.88 करोड़ | 92.99 करोड़ |
| राजभवन से बूटी मोड़
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586.46 करोड़ | 188.18 करोड़ |

