रवि सिहं ब्यूरो चीफ
गोरखपुर:- गोरखपुर जिलाधिकारी गोरखपुर के विजयेंद्र पांडियन के निर्देशन पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एसडीएम सदर गौरव सिंह सोगरवाल एसीएमओ डॉ एनके पांडेय की टीम ने तीन डायग्नोस्टिक सेंटरों को किया सील गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य के बारे में गलत जानकारी देकर छल करने की आरोपित डॉक्टरों के सेंटरों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. पीड़ित अभिषेक कुमार पांडेय के भूख हड़ताल को देखते हुए डीएम के विजयेंद्र पांडियन ने तीन डायग्नोस्टिक सेंटरों को निलंबित कर दिया है. एसडीएम गौरव सिंह सोगरवाल व एसीएमओ डॉक्टर एनके पांडेय गुरुवार को सेंटर सील कर दिए. छापड़िया हॉस्पिटल प्रशासन द्वारा सील किये जाने के विरूद्ध में डॉक्टरों ने कमिश्नर आवास का धेराव किया.
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एसडीएम गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन में सीएमओ द्वारा टीम गठित रिपोर्ट के आधार पर तीन डायग्नोस्टिक सेंटरों के लाइसेंस को निरस्त कर दिया गया है इस मामले में सहजनवां स्थित न्यू आदित्य अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील करते हुए उसके निलंबन की कार्रवाई की जा चुकी है. इसके अलावा बेतियाहाता स्थित स्पर्श इमेजिंग एंड डायग्नोस्टिक सेंटर और प्रज्ञा हॉस्पिटल के डायग्नोस्टिक सेंटर को निलंबित करते हुए गुरुवार को सील कर दिया गया. कार्रवाई न होने से नाराज अभिषेक पांडेय अपने साढ़े चार माह के नवजात और अपनी पत्नी के साथ भूख हड़ताल पर डीएम कार्यालय के सामने बैठे थे. कार्रवाई के आश्वासन पर वह देर शाम अपना हड़ताल तोड़े थे. हड़ताल खत्म होने के बाद डीएम ने इस मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एसडीएम सदर गौरव सिंह सोगरवाल को निर्देशित किया था जिसके उपरांत आज एसीएमओ डॉक्टर एनके पांडेय की टीम के साथ कार्रवाई करते हुए बेतियाहाता स्थित स्पर्श इमेजिंग एंड डायग्नोस्टिक सेंटर और प्रज्ञा हॉस्पिटल के डायग्नोस्टिक सेंटर को सील किया गया.

