रांची ; हेमंत सोरेन सरकार द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र के अंतर्गत भारतीय पर्यटन विकास निगम (आईटीडीसी) और बिहार पर्यटन विकास निगम (बीटीडीसी) के संयुक्त स्वामित्व वाले बंद पड़े होटल अशोक को खरीद कर झारखंड सरकार के नियंत्रण मे लिए जाने के फैसले का सीटू स्वागत करता है.
उल्लेखनीय है कि सीटू ने मार्च 2018 मे ही मांग की थी कि झारखण्ड सरकार इस प्रतिष्ठित होटल का अधिग्रहण कर झारखण्ड पर्यटन विकास निगम (जेटीडीसी) से इसका संचालन कराए लेकिन उस वक्त की भाजपा सरकार की मंशा इस होटल को निजी हाथों में देने की थी. सार्वजनिक क्षेत्र के इस होटल के बंद हो जाने का एक कारण यह भी था कि सरकार प्रायोजित सभी कार्यक्रम बड़े निजी होटल मे होते है साथ ही राजनीतिक पार्टियों के कई बड़े नेताओं का होटल व्यवसाय मे अच्छा – खासा दखल भी है. यह प्रभाव भी सरकारी कार्यक्रमों को निजी होटलों में किए जाने का एक बड़ा कारण है.
झारखण्ड सरकार के इस प्रगतिशील फैसले से मार्च 2018 से बंद पड़े इस होटल के खोले जाने की प्रक्रिया शुरू होगी और उस होटल मे पिछले दिनों कार्यरत कामगारों को रोजगार भी मिलेगा.

