Ranchi: प्रदेश में संपूर्ण लाॅकडाउन अवधि के फिक्सड इलेक्ट्रिसिटी चार्ज को माफ करने हेतु झारखण्ड राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा आयोजित जनसुनवाई में आज फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैंबर आॅफ काॅमर्स एण्ड इन्डस्ट्रीज ने मुख्य रूप से हिस्सा लिया और पुरजोर ढंग से फिक्सड् चार्ज माफ करने की मांग की. इससे पूर्व भी 19 अगस्त को चैंबर द्वारा आयोग के समक्ष इस मांग को तर्कपूर्ण ढंग से उठाया गया था. इस मामले में पुनः 4 सितम्बर को सुनवाई है. विदित हो कि इस मामले में झारखण्ड चैंबर की ओर से चैंबर सदस्य सह मानननीय उच्च न्यायालय के वरीय अधिवक्ता सुमित गाडोदिया द्वारा अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा जा रहा है.
आज जनसुनवाई में चैंबर की ओर से अधिवक्ता सुमित गाडोदिया ने कहा कि लाॅकडाउन की अवधि में जो उद्योग पूर्णरूपेण बंद थे चाहे वह औद्योगिक इकाई, माॅल, सिनेमा हाॅल या अन्य हो, उन्हें फिक्सड् चार्ज से फूल वेभर मिले. इसी प्रकार ऐसे उद्योग जो अभी भी बंद हैं, उन्हें इस अवधि की भी अतिरिक्त छूट मिले क्योंकि उन्होंने इस अवधि में इसका उपयोग ही नहीं किया है. यह भी कहा कि लाॅकडाउन के दौरान जो उद्योग मिक्सड रूप से चले रहे थे अर्थात् कभी बंद तो कभी चालू, ऐसे उद्योगों को उन्होंने जितना बिजली का उपभोग किया है, उसी के अनुसार समानुपातिक छूट मिले. चैंबर ने इस बात को प्रमुखता से रखा कि छूट को डिफर ना करें, तात्कालीक रूप से छूट दें ताकि अगले साल के टैरिफ से दोबारा इसकी रिकवरी नहीं हो सके, क्योंकि यह आयोग के कंडीशन फोर का मुख्य क्लाॅज है.

