रीवा: संजय गांधी अस्पताल से विवेक कुशवाहा नामक मरीज के लाश गायब होने के मामले को अस्पताल प्रबंधन की एक बड़ी लापरवाही बताते हुए जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष त्रियुगीनारायण शुक्ला, शहर कांग्रेस अध्यक्ष गुरमीत सिंह मंगू, जिला कार्यकारी अध्यक्ष रमाशंकर सिंह ने उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषी चिकित्सा अधिकारियों व कमर्चारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही की मांग की व कहा कि शुक्रवार को कांग्रेश द्वारा कलेक्टर रीवा का ध्यान कोरोना मरीजों के साथ अस्पताल प्रबंधन व प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा अमानवीय व्यवहार किये जाने की ओर ज्ञापन पत्र के माध्यम से आकृष्ट कराया गया था. यदि प्रशासन गंभीरता से उक्त बात को ध्यान में रखकर संजय गांधी अस्पताल की बिगड़ी व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम करती तो यह घटना शायद ही घटित होती.
उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन विवेक कुशवाहा और खुशीराम राजपाल की कोविड जांच प्राप्त होने के पूर्व मृत शरीर को कोविड किट में कैसे पैक कर दिया यह बड़ा सवाल हैं.
जांच रिपोर्ट आजाती फिर कार्यवाही बनाये गए नियमों के तहत होती तो शायद ही विवेक की बॉडी लापता होती इस बड़ी लापरवाही व चिकित्सा सिंद्धान्त के विपरीत हुए कार्यो की जांच होने के साथ ही विवेक कुशवाहा के मृत होने की जानकारी अस्पताल प्रबंधन उसके परिजनों को क्यों समय पर नहीं दिए इसकी भी जांच होनी चाहिए.
कांग्रेस नेताओं ने आगे कहा कि अस्पताल प्रबन्ध की उक्त बड़ी लापरवाही की जांच कार्यवाही नहीं हुई तो कोरोना ही नही सामान्य रोगों से ग्रसित लोग अस्पतालों से दूर भाग कर अपने परिवार के ही बीच मौत को गले लगाना स्वीकार करेंगे, जिससे जिले की स्थिति बदतर हो जाएगी.
कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि संजय गांधी अस्पताल सहित जिले के अस्पतालों की स्थिति आज ही इतनी बदतर नहीं हुई यह स्थिति गत 15 वर्षों से निर्मित है, लगातार लोग अस्पताल की व्यवस्था सुधारने की मांग करते आ रहे हैं लेकिन कभी भी भारतीय जनता पार्टी सरकार के सत्ताधारी नेता व प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया. जिसका परिणाम है कि आज इस तरह की बड़ी घटना कारित हो रही है और रीवा का नाम प्रदेश ही नहीं देश में स्वास्थ्य व्यवस्था में बदनाम हुआ.

