बेतिया : बेतिया जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने सोमवार को नौतन प्रखंड के मंगलपुर काला चम्पारण तटबंध का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि नेपाल में दो दिनों से पुनः भारी बारिश हो रही है तथा प्राप्त सूचना के अनुसार नेपाल के पोखरा शहर में 150 एम.एम. बारिश दर्ज की गयी है. गंडक बराज द्वारा विगत तीन दिनों में दो लाख क्यूसेक से कम पानी डिस्चार्य किया गया है लेकिन नेपाल में भारी बारिश के कारण गंडक बराज द्वारा ज्यादा मात्रा में पानी डिस्चार्ज किया जा सकता है. इस कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है तथा निचले हिस्सों में नदियों का पानी समा सकता है.
बाढ़ आपदा से बचाव हेतु सभी अधिकारी, कार्यपालक अभियंता, जेई, ऐई आदि संबंधित कर्मी पूरी मुस्तैदी के साथ अपने कर्तव्यों का निवर्हन करें ताकि जानमाल की सुरक्षा अचूक रूप से की जा सके. उन्होंने अभियंताओं, कनीय अभियंताओं, एनडीआरएफ टीम के इंस्पेक्टर को तटबंधों की नियमित रूप से पेट्रोलिंग कराने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि रेन कट एवं रैट होल पर विशेष नजर रखने की जरूरत है। जहां कहीं भी रेन कट एवं रैट होल दिखाई दें तुरंत मरम्मति कर ठीक किया जाय। इसके साथ ही छोटे-छोटे कटाव स्थलों पर भी जियो बैग, एनसी आदि के माध्यम से तुरंत सुरक्षात्मक उपाय सुनिनिश्चित किया जाय। उन्होंने कहा कि राहत कार्य में स्थानीय नवयुवकों की भी मदद ली जा सकती है। उपस्थिति कई नवयुवकों ने बताया कि वे सभी रात में प्रशासन के अधिकारियों के साथ डटकर खड़े थे तथा कटाव वाले स्थलों पर मरम्मति कार्य में प्रशासन का सहयोग भी किये हैं। जिलाधिकारी द्वारा नवयुवकों का उत्साहवर्धन किया गया।निरीक्षण के क्रम में अभियंताओं द्वारा बताया गया कि 26 जुलाई की रात्रि में चम्पारण तटबंध के समीप नदी द्वारा कटाव किया जा रहा था जिसे जियो बैग एवं एनसी के माध्यम से मरम्मति कर दी गयी है तथा उनकी टीम द्वारा तटबंधों की सत्त निगरानी की जा रही है।अंचलाधिकारी, नौतन द्वारा बताया गया कि नौतन प्रखंड के भगवानपुर एवं शिवराजपुर ग्राम के लगभग 600 लोगों को आश्रय स्थल पर पनाह दी गयी है। आश्रय स्थल पर पनाह लिये हुए लोगों के लिए तीन दिनों से लगातार कम्युनिटी किचेन संचालित किया जा रहा है। कम्युनिटी किचेन के माध्यम से लगभग 1000 बाढ़ प्रभावित व्यक्ति प्रतिदिन भोजन कर रहे हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए पेयजल की समुचित व्यवस्था भी की गयी है। इसके साथ मानव स्वास्थ्य एवं पशु स्वास्थ्य की देखभाल के लिए आवश्यक दवाओं के साथ पूरी टीम लगातार मुस्तैद है। जिलाधिकारी आश्रय स्थल पर बाढ़ प्रभावित व्यक्तियों के लिए संचालित राहत कार्य से संतुष्ट दिखे तथा निदेश दिया कि किसी भी कीमत पर बाढ़ प्रभावित लोगों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। प्रशासन द्वारा उन्हें हर संभव मदद हर हाल में मुहैया कराना सुनिश्चित किया जाय। साथ ही संचालित कम्युनिटी किचेन, पशुओं के लिए चिकित्सा केन्द्र, मानव स्वास्थ्य चिकित्सा केन्द्र आदि जगहों पर फ्लेक्स का अधिष्ठापन कराने का निदेश दिया गया ताकि बाढ़ प्रभावित आसानी से लाभ लेने वाले स्थल पर पहुंच सकें।निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी द्वारा आश्रय स्थल पर रहने वाले व्यक्तियों से बातचीत भी की गयी तथा सरकारी स्तर से दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली गयी। कई बुजुर्ग व्यक्तियों ने जिलाधिकारी को बताया कि सरकार द्वारा आश्रय स्थल पर अच्छी व्यवस्था की गयी है।जिलाधिकारी ने कहा कि नेपाल में हो रही भारी बारिश तथा जिले में भी लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के साथ निचले स्थलों पर नदियों का पानी समाने की आशंका है। जिले में विगत दिनों नदियो के जलस्तर में हुई बढ़ोतरी के कारण 08-10 स्थलों पर कटाव की समस्या थी जिसे जिला प्रशासन की पूरी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुरक्षात्मक उपाय कर दिया है। तटबंधों की नियमित रूप से दिन-रात पेट्रोलिंग की जा रही है। तटबंधों की सुरक्षा के निमित 190 होमगार्ड जवानों को लगाया गया है ताकि पल-पल की जानकारी प्राप्त हो सके तथा ससमय सुरक्षात्मात्मक कार्य करते हुए जानमाल की रक्षा की जा सके। इसके साथ ही कार्यपालक अभियंताओं सहित जेई, ऐई तथा स्थानीय अधिकारियों की टीम भी पूरी तरह मुस्तैद होकर अपने कर्तव्यों का निवर्हन कर रही है। वहीं एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीम द्वारा जानमाल की सुरक्षा हेतु अबतक बहुत ही सराहनीय कार्य किया गया है तथा वे पूरी तरह अलर्ट है। निचले स्थलों पर या तटबंध के पास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थलों पर पहुंचाया जा रहा है तथा उनके माइकिंग के द्वारा सचेत भी किया जा रहा है ताकि वे सुरक्षित स्थलों पर पहुंच सकें। जिलाधिकारी ने जिलेवासियों से अपील किया है कि अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलें, निचले स्थलों तथा तटबंधों के समीप रहने वाले व्यक्ति सुरक्षित स्थलों पर पहुंच जायें। जिला प्रशासन की पूरी टीम बाढ़ आपदा से निपटने के लिए दिनरात मेहनत कर रही है। जिला प्रशासन बाढ़ आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। बाढ़ प्रभावित व्यक्तियों को हरसंभव मदद पहुंचाया जा रहा है। नदियों के पानी से जिन स्थलों पर पुल-पुलियां या सड़क क्षतिग्रस्त हो गया है उनको चिन्हित करते हुए मरम्मति का कार्य भी कराया जा रहा है.
इस अवसर पर एसडीएम, बेतिया विद्यानाथ पासवान, नौतन बीडीओ/सीओ सहित संबंधित कार्यपालक अभियंता, कनीय अभियंता आदि उपस्थित रहे.

