उज्जैनः सूर्यग्रहण से पहले जहां देश के सभी मंदिरों के पट बंद कर दिए जाते हैं वहीं महाकाल मंदिर के पट सूर्यग्रहण में भी खुले रहते हैं.
विदित हो सूर्य ग्रहण या चंद्र ग्रहण के दौरान वैष्णव मंदिरों के पट बंद कर दिए जाते हैं लेकिन शैव मंदिरों के पट खुले रहते हैं.
आज सूर्य ग्रहण के दौरान महाकाल मंदिर के गर्भगृह में पुजारी बैठकर जाप करते रहे. इस दौरान वे शिवलिंग को स्पर्श नहीं करते हैं, ग्रहण पूर्ण होने के बाद वे बाहर निकलते हैं.
बता दें उज्जैन के महाकाल मंदिर में भगवान को दिन के अलग-अलग समय भोग लगाया जाता है. आज सूर्य ग्रहण के दौरान सुबह 10:30 बजे लगाए जाने वाले भोग को दोपहर 12 बजे लगाया गया.
ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिर में शुद्धिकरण किया गया, इसके बाबा महाकाल की पूजा अर्चना की गयी. वर्ष के अंत में छुट्टियों के दौरान यहां दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ गई है.
बुधवार को ही एक दिन में करीब 26 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन किए. उधर आज ग्रहण के बाद पर्व स्नान की वजह से शिप्रा नदी के तटों पर भी श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया है.
पर्व स्नान के बाद श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन को पहुंचेंगे. ऐसे में बाकी दिनों के मुकाबले मंदिर में आज और ज्यादा भीड़ रहने का अनुमान है.
प्रशासन की ओर से भी श्रद्धालुओं के स्नान के लिए पूरी व्यवस्था की गई है. तटों पर फव्वारे भी लगाए गए हैं.

