किसान बिल को लेकर शहर में बंद का रहा मिलाजुला असर
सुरूर रजा,
रांची: किसान बिल के खिलाफ रांची सहित पूरे झारखंड में बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला. शहर में निजी वाहन का परिचालन सामान्य दिनों की तरह रहा.
राजधानी के अल्बर्ट एक्का चौक पर आंदोलन का समर्थन कर रहे राजनीतिक संगठन, भाकपा माले, कांग्रेस, झामुमो व राजद के अलावा सामाजिक संगठन गुरूद्वारा गुरूसिंघ सभा मेन रोड शहर को बंद कराने के लिए सड़क पर उतरे.

गठबंधन सरकार सहित कई सामाजिक संगठनों ने भी बंद का समर्थन किया है, केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों ने भारत बंद का आव्हान किया है.

समर्थित दल अपने हाथ में बैनर, झंडे लेकर सड़क पर केंद्र सरकार की नीति का खुलकर विरोध कर रहे थे. बंद कराने आये लोगों का कहना था कि केंद्र सरकार काला कानून किसानों पर थोपकर देश के कुछ पूंजीपतियों को लाभ पहुंचना चाहती है. केंद्र सरकार की नीति से हर वर्ग परेशान है.

गठबंधन सरकार सहित कई सामाजिक संगठनों ने भी बंद का समर्थन किया है, केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों ने भारत बंद का आव्हान किया है.

समर्थित दल अपने हाथ में बैनर, झंडे लेकर सड़क पर केंद्र सरकार की नीति का खुलकर विरोध कर रहे थे. बंद कराने आये लोगों का कहना था कि केंद्र सरकार काला कानून किसानों पर थोपकर देश के कुछ पूंजीपतियों को लाभ पहुंचना चाहती है. केंद्र सरकार की नीति से हर वर्ग परेशान है.

प्रशासन मुस्तैद खड़ी थी
बंद को लेकर शहर में पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद दिखी. चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात थे. हर चौक चौराहों पर लाठी पार्टी रखी गयी थी. अल्बर्ट एक्का चौक पर पुलिस प्रशासन के आला अफसर भी मौजूद थे.

अग्निशमन वाहन भी लगे हुए थे. किसी तरह का हादसा न हो इसको लेकर पुलिस प्रशासन के साथ-साथ जिला प्रशासन की टीम भी लगातार मॉनिटरिंग करती दिखी.


